अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना : प्राप्त सूत्रों के अनुसार ह्यूमन राइट्स वॉच ने जेनेवा में होने वाली एक सभा में चेतावनी दी है कि सऊदी अरब के हलाल अहमद के सदस्यों ने रियाद के होटल रीज़ट से 42 शहज़ादों को चिकित्सालय पहुंचाया है, कि जिनमें से कुछ की हालत चिंताजनक है, क्योंकि उन पर बहुत जुल्म किए जा रहे हैं, एवं पीड़ा दी जा रही है। आफ़ताब न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार यह वह शहज़ादे हैं कि जिन्हें अपनी 85% दौलत से बेदख़ल करने के लिए साइन करने पर मजबूर किया जा रहा था। मना करने पर उन्हें गिरफ्तार करके उन्हें पीड़ा दी गई। इस बात ख़ुलासा अमेरिका के एक समाचार पत्र wall street journal ने किया है।
इसी तरह सऊदी अरब में मौजूद सैकड़ों व्यापारियों की दौलत को हड़पने के लिए सऊदी राजकुमार ने उन्हें अपनी हिरासत में ले रखा है।
ज्ञात रहे कि यह सऊदी अरब में रहने वाले दूसरे देशों के व्यापारी हैं और उन्हें उनकी संपत्ति छोड़ने के लिए उन्हें दुख पहुंचाया जा रहे हैं।
समाचार पत्र ने यह भी कहा कि शहजादों एवं व्यापारियों को को दिए जाने वाली पीड़ा अत्यधिक दर्दनाक है, कि उसकी वजह से एक शहजादे की गर्दन ही टूट चुकी है।
सऊदी राजकुमार के हुक्म से होटल रीज़ट के एक पोर्शन को चिकित्सालय बना दिया है जिससे 42 शहज़ादों एवं 420 व्यापारियों की पीड़ा एवं दुख की खबर लोगों तक ना पहुंच पाए।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने सऊदी अरब के इस कृत्य की जैसे ही निंदा की तो परिणाम स्वरुप सऊदी सरकार ने रियाद में मौजूद उनके कार्यालय को बंद करने का आदेश दे दिया है। बहरहाल हिरासत में रखे गए शहजादों एवं व्यापारियों की हालत सबके सामने आ चुकी है, और उनमें से अक्सर लोगों की हालत बहुत ही नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार उनमें से कुछ लोग बहुत ही जल्द मर सकते हैं।
19 नवंबर 2017 - 04:24
समाचार कोड: 867695
ह्यूमन राइट्स वॉच ने सऊदी अरब के इस कृत्य की जैसे ही निंदा की तो परिणाम स्वरुप सऊदी सरकार ने रियाद में मौजूद उनके कार्यालय को बंद करने का आदेश दे दिया है।