अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना:प्राप्त सूत्रों के अनुसार ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान सभी इस्लामी देशों के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के लिए तैयार है। एवं दुश्मन फूट डालकर इस्लाम पर आक्रमण करना चाहता है।
क़ज़ाक़िस्तान की राजधानी अस्ताना में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में इस्लामी सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इस्लामी देशों से आग्रह किया कि वे इस्लाम शत्रुओं के षड़यंत्रों से पूरी तरह सावधान रहें और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक दूसरे के साथ भरपूर सहयोग करें।
ईरानी राष्ट्रपति ने इस्लामी दुनिया वैश्विक प्रणाली को एक महत्वपूर्ण और प्रभावी हिस्सा बताते हुए स्पष्ट किया कि इस्लामी दुनिया की शक्ति, विकास और स्थिरता, वैश्विक विकास और स्थिरता का कारण है जबकि इस्लामी दुनिया की कमजोरी और फूट के कारण वैश्विक शांति और सुरक्षा और स्थिरता भंग हो जाएगी।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि दुनिया अज्ञानता, गरीबी, युद्ध और हिंसा के उन्मूलन और विकसित दुनिया में कदम रखने के लिए इस्लामी देशों को संयुक्त प्रयास करने होंगे और मुस्लिम देशों में आशा, विकास और एकता को बढ़ावा देना होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने इस्लामी दुनिया की चुनौतियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि फ़िलिस्तीन के पीड़ित लोगों के खिलाफ इस्राइल के आपराधिक क़दम, रोहिंग्या के मुसलमानों पर बर्बर हमले, सीरिया और इराक में चरमपंथियों के हाथों अमानवीय घटनाएं और यमन की जनता के खिलाफ युद्ध का सिलसिला ऐसे मुद्दे हैं जिनसे निपटने के लिए इस्लामी दुनिया के बीच अधिक एकता और एकजुटता बनाने की जरूरत है।
13 सितंबर 2017 - 02:36
समाचार कोड: 853924
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि दुनिया अज्ञानता, गरीबी, युद्ध और हिंसा के उन्मूलन और विकसित दुनिया में कदम रखने के लिए इस्लामी देशों को संयुक्त प्रयास करने होंगे और मुस्लिम देशों में आशा, विकास और एकता को बढ़ावा देना होगा