6 अगस्त 2017 - 15:01
अवामिया पर आले सऊद के अत्याचारों से उठा पर्दा।

ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाले समाचारपत्र इंडिपेंडेंट ने सऊदी अरब के पूर्वी नगर अवामिाय के लोगों से लिए गए इंटरव्यू के आधार पर उन अपराधों का एक भाग दुनिया के सामने पेश किया है जो सऊदी शासन इस शिया बाहुल्य शहर के लोगों के विरुद्ध कर रहा है।

ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाले समाचारपत्र इंडिपेंडेंट ने सऊदी अरब के पूर्वी नगर अवामिाय के लोगों से लिए गए इंटरव्यू के आधार पर उन अपराधों का एक भाग दुनिया के सामने पेश किया है जो सऊदी शासन इस शिया बाहुल्य शहर के लोगों के विरुद्ध कर रहा है।
पत्र ने अपनी एक रिपोर्ट में तीन महीने से जारी इस शहर के घेराबंदी के दौरान किए जाने वाले अपराधों से पर्दा उठाया है। पत्र ने लिखा है कि सऊदी अरब ने यमन की लड़ाई के बाद देश के पूरब में स्थित एक शहर में एक और लड़ाई शुरू कर दी है। हालांकि इस लड़ाई को अधिक कवरेज नहीं मिल रही है लेकिन इसके शोले अब भी भड़क रहे हैं। अवामिया क़तीफ़ प्रांत का एक 400 साल पुराना शहर है जिसकी आबादी 30 हज़ार है जो सभी शिया हैं। सऊदी अरब ने 10 मई को विकास और पुनर्निर्माण के बहाने इस शहर को लोगों से ख़ाली कराने की कोशिश की लेकिन लोगों के प्रतिरोध के बाद उसने इस शहर की घेराबंदी कर ली। तबसे अवामिया की स्थिति निरंतर बिगड़ती चली जा रही है। पत्र के अनुसार सऊदी स्नाइपरों और मार्टर गोलों की फ़ायरिंग में अब तक कम से कम 25 लोग मारे जा चुके हैं और सड़कों और इमारतों की तस्वीरें सीरिया के खंडहरों की याद दिलाती हैं।
इंडिपेंडेंट ने इस बात पर बल देते हुए कि विदेशी संचार माध्यमों को इस क्षेत्र के निकट जाने की अनुमति नहीं है, कहा है कि उसने अवामिया शहर के अंदर से एक और बाहर से दो इंटरव्यू लिए हैं। पत्र के अनुसार इंटरव्यू देने वालों का कहना है कि हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे थे लेकिन सरकार ने हमें वांछित आतंकवादी घोषित कर दिया। हम सिर्फ़ सुधार चाहते थे। चूंकि हम सरकार से नहीं डरते थे इस लिए उसने पूरे शहर को निशाना बना दिया। अवामिया के एक नागरिक ने कहा कि सऊदी सैनिकों ने मेरे घर पर हमला कर दिया और मेरी 5 साल की बच्ची से कहा कि हम तेरे बाप की हत्या कर देंगे और उसका सिर तेरे हाथ में दे देंगे। नागरिक का कहना है कि हमारे पास कोई रास्ता नहीं था। अपनी जान और सम्मान की रक्षा एक फ़र्ज़ है। हमारे घरों को बमों, आरपीजी और गोलों से ध्वस्त कर दिया गया। उनके लिए हर चीज़ लक्ष्य है।
समाचारपत्र इंडिपेंडेंट का कहना है कि अवामिया के बहुत से लोग, स्नाइपरों और मार्टर गोलों का निशाना बनने के भय से घर से बाहर ही नहीं निकलते। इस शहर के अकसर इलाक़ों की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई है। अवामिया का रहने वाला एक व्यक्ति जो इस समय शहर से बाहर रह रहा है, कहता है कि लोग घर से बाहर निकलने से इतना डर रहे हैं कि कभी कभी मरे हुए लोगों के शव कई कई दिन तक सड़क पर पड़े रहते हैं। पत्र ने अपनी रिपोर्ट के अंत में लिखा है कि लंदन व  बैरूत में सऊदी अरब के राजदूतों से इस बारे में जानकारी के लिए संपर्क किया गया लेकिन वे बात करने को तैयार नहीं हुए। यह एेसी स्थिति में है कि रियाज़ सरकार का दावा है कि अवामिया शहर के सभी लोग आतंकवादी हैं जो देश को अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।