विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप पर आधारित अमेरिकी अधिकारियों के दावों को चुनौती दी है।
विदेशमंत्री के बयान का आधार यह वास्तविकता है कि इस्लामी क्रांति के आरंभ से अमेरिका इस्लामी व्यवस्था को परिवर्तित करने की चेष्टा में रहा है परंतु विदेशमंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों द्वारा अतीत पर दोबारा दृष्टि डालने और एतिहासिक अनुभवों से पाठ लेने की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि ईरान में व्यवस्था परिवर्तित नहीं होगी और अमेरिका इतिहास से पाठ नहीं ले रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वर्ष 1953 में ईरान की सरकार को गिरा दिया था पर वह देखे कि उसके बाद क्या हुआ।
विदेशमंत्री ने ईरान के विरुद्ध पश्चिम के प्रतिबंधों के विषय की ओर संकेत किया और कहा कि मैं प्रतिबंधों पर विश्वास नहीं रखता। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध लगाना शुरू किया था तो हमारे पास केवल 200 सेन्ट्रीफ्यूज थे परंतु वार्ता के समय सेन्ट्रीफ्यूजों की संख्या बीस हज़ार तक पहुंच गयी।
विदेशमंत्री ने वाशिंग्टन की ओर से बारमबार परमाणु समझौते के उल्लंघन की ओर संकेत करते हुए बल देकर कहा कि अगर परमाणु समझौते का ध्यान योग्य उल्लंघन होता है तो ईरान इस समझौते से निकल जायेगा।
ईरान के विरुद्ध अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीतियों के जारी रहने के दो मुख्य कारण हैं। पहला कारण यह है कि अमेरिका को ईरान की इस्लामी क्रांति व व्यवस्था से समस्या है क्योंकि वह इस्लामी क्रांति को अपने वर्चस्ववादी हितों के मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट समझता है।
इस आधार पर अमेरिका की शत्रुता समाप्त नहीं होगी किन्तु यह कि ईरान की इस्लामी क्रांति के संबंध में उसका दृष्टिकोण व रवइया परिवर्तित हो जाये।
ईरान की इस्लामी व्यवस्था से अमेरिका की शत्रुता की दूसरी मुख्य वजह है कि ईरान पूरी दुनिया के क्रांतिकारी राष्ट्रों के लिए आदर्श और क्षेत्र की तानाशाही सरकारों के लिए चुनौती बन गया है।
अमेरिका ने बारम्बार ईरान के मुकाबले में खड़ा होने का प्रयास किया और ईरान की इस्लामी व्यवस्था को उखाड़ फेकने की कल्पना की परंतु इसमें उसे मुंह की खानी पड़ी।
बहरहाल ईरान की इस्लामी व्यवस्था को अंदर से निराने की कल्पना, पैसे और बल का प्रयोग वे चीज़ें हैं जिसके कारण अमेरिकी अधिकारी स्ट्रैटेजिक ग़लती कर रहे हैं और यह वही वास्तविकता है जिसे ईरान के विदेशमंत्री ने अमेरिका में बयान किया।
18 जुलाई 2017 - 18:09
समाचार कोड: 842927
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप पर आधारित अमेरिकी अधिकारियों के दावों को चुनौती दी है।