एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रविवार को बयान जारी कर बहरैन के मुख्य विपक्षी दल अलविफाक़ के जनरल सेक्रेटरी शैख़ अली सलमान की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि उनको शांति स्थापना के प्रयासों एवं अभिव्यक्ति की आज़ादी के आरोप में बंदी बनाया गया है । एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांग की है कि बहरैन राजशाही उनपर अत्याचारों का सिलसिला बंद करे। एमनेस्टी इंटनेशनल ने मांग की है कि बहरैन सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करे ।
17 अप्रैल 2017 - 19:10
समाचार कोड: 824416
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांग की है कि बहरैन राजशाही उनपर अत्याचारों का सिलसिला बंद करे।