अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबनाः इस्लामिक रिपब्लिक ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने तेहरान मे आयोजित छठी अंतर्राष्ट्रीय फिलिस्तीन कांफ्रेंस में अपने भाषण में कहा कि इस्लामी देशों में स्वभाविक अथवा दुश्मनों द्वारा डाले गए मतभेद के बावजूद भी फिलिस्तीन मुद्दा उनके बीच एकता की धुरी बन सकता है।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कांफ्रेंस का उद्देश्य इस्लामी जगत तथा दुनिया भर के आज़ाद इंसानों में फिलिस्तीन मुद्दे को ज़िंदा रखना, प्राथमिकता दिलाना तथा अपने अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के लिए लड़ने वाले फिलिस्तीनियों के लिए समर्थन जुटाना है।
उन्होंने फिलिस्तीन के राजनैतिक समर्थन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आज हर मुस्लमान और स्वतन्त्रता प्रेमी फिलिस्तीन के अधिकारों और स्वतन्त्रता के लिए एक मंच पर आ सकता है। उन्होंने फिलिस्तीन की आज़ादी को पूरी मानवता का कर्तव्य बताते हुए कहा कि हमे क्षेत्र में ज़ायोनी खतरे को नहीं भूलना चाहिए, प्रतिरोध जारी रखने के लिए यथा सम्भव प्रयास करने होंगे और उसके लिए प्रतिरोध की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति होना ज़रूरी है।
उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन को ज़रूरी बताते हुए प्रतिरोध आंदोलन की मदद का आह्वान करते हुए कहा कि हमे पश्चिमी तट याद रहना चाहिए जो इंतेफ़ाज़ा का मुख्य स्तम्भ है।
सुप्रीम लीडर ने प्रतिरोधी गुटों को एकता का महत्व समझाते हुए कहा कि दुश्मन प्रयास कर रहा है कि प्रतिरोध अपने उद्देश्यों से भटक जाये और इस काम के लिए वह प्रतिरोधक दलों के मित्र का भेष धारण किये दुश्मनो की सेवा ले रहा है। आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि फिलिस्तीनी जनता इन चालों में नहीं आने वाली उनका इतिहास गौरवशाली रहा है वह अत्याचारियों के विरूद्ध आंदोलन करने में अग्रणी रहे हैं अगर हालात से मजबूर होकर कोई एक दल इस अभियान का नेतृत्व करने में असमर्थ होता है तो इस धरती से दूसरा वीर उठकर प्रतिरोध का परचम लहर देता है।
22 फ़रवरी 2017 - 15:09
समाचार कोड: 813442
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने तेहरान मे आयोजित छठी अंतर्राष्ट्रीय फिलिस्तीन कांफ्रेंस में अपने भाषण में कहा कि इस्लामी देशों में स्वभाविक अथवा दुश्मनों द्वारा डाले गए मतभेद के बावजूद भी फिलिस्तीन मुद्दा उनके बीच एकता की धुरी बन सकता है।