वेटेरंस टुडे के सीनियर एडिटर गॉर्डोन डफ़ के अनुसार ९/११ अमेरिका में हुए आतंकी हमले में सऊदी राजशाही परिवार की गहरी भागीदारी थी। हाल ही में ऐसी खबरे आई थी कि रियाज़ अमेरिकी नागरिकों को सऊदी सत्ता के विरुद्ध ९/११ के हमलों में भागीदारी की सम्भावना के तहत केस फाइल करने का अधिकार देने वाले क़ानून को बदलवाने की कोशिशों में लगा हुआ है । डफ़ के अनुसार सऊदी अधिकारी चालबाज़ी दिखाते हुए अमेरिका के भूतपूर्व सैनिकों को आर्थिक मदद के नाम पर भारी भरकम रिश्वतें दे रहे हैं ताकि आतंकवादियों के समर्थकों को कटघरे में खड़ा करने वाले इस क़ानून को रोका जा सके। उनके अनुसार ९/११ के हमलों में सऊदियों की भागीदारी के कई प्रमाण मौजूद हैं।
प्लेन हाईजेक करने वाले १९ लोगों में १५ लोग सऊदी नागरिक थे जिनके कई सऊदी उच्चाधिकारियों से नजदीकी सम्बन्ध थे। ज्ञात रहे ९/११ हमलों में ३ हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे। उन्होंने सऊदी युवराज को सीआईए द्वारा सम्मानित किये जाने पर कहा कि वह सऊदी को आतंक विरोधी अभियान में सहयोग के लिए सम्मानित करते है जबकि सब जानते हैं कि सऊदी अरब आतंकवाद का असली मास्टरमाइंड है।
वह दाइश और अलनुसराह फ्रंट का हथियार आपूर्तिकर्ता एवंम आर्थिक स्रोत है । सीरिया आर्मी ने बार बार सऊदी अरब के किराये के लड़ाकों को पकड़कर प्रमाणित कर दिया है कि सऊदी अरब आतंकवादियों की जन्मस्थली है । डफ़ ने कहा कि दुनिया भर में आतंकवाद वहाबी विचारधारा की देन है और सभी आतंकवादी गतिविधियों में सऊदी अरब के गुप्त समर्थन को भी किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है ।
16 फ़रवरी 2017 - 05:43
समाचार कोड: 812036
सऊदी अरब है पूरी दुनिया में आतंकवादी गतिविधियों का मास्टरमाइंड। और सभी आतंकवादी गतिविधियों में सऊदी अरब के खुल्लम खुल्ला या गुप्त समर्थन को भी किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है ।