14 फ़रवरी 2017 - 07:41
ईरान रूस सम्बन्धो के विरुद्ध अमेरिका की कोई चाल कामयाब नहीं होगी।

रूस और अमेरिका में सीधे तौर पर कई मतभेद है जैसे क्रीमिया मुद्दा, यूक्रेन संकट या दाइश तथा सीरिया को लेकर मतभेद इनका ईरान से कोई भी सम्बन्ध नहीं है।

 वाल स्ट्रीट में छपे आलेख कि ट्रम्प प्रशासन ईरान और रूस में फासले बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है ईरान के यूरेशिया मामलो के जानकार हसन बहिश्तीपूर ने कहा कि अमेरिका और रूस की नज़दीकी से ईरान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा क्या रूस और अमेरिका की दूरी ईरान के हित में है? उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका में सीधे तौर पर कई मतभेद है जैसे क्रीमिया मुद्दा, यूक्रेन संकट या दाइश तथा सीरिया को लेकर मतभेद इनका ईरान से कोई भी सम्बन्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका रूस और ईरान में मतभेद डालकर सुरक्षा परिषद् में हमारे विरुद्ध कोई लाभ उठाने चाहता है तो वह भूल रहा कि हम अपने हितों में सहयोगी है। रूस और हमारा सामरिक सहयोग के साथ साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद भी है। जैसे हम सीरिया को ज़ायोनिस्ट के विरुद्ध अपनी फ्रंट लाइन समझते है और रूस को इस्राईल से कोई आपत्ति नहीं। वह सिर्फ यह चाहता है कि सीरिया में पश्चिम समर्थक सरकार न हो वह लताकिया और तरतूस में अपने सैन्य ठिकानो की सुरक्षा चाहता है। उनके अनुसार पुतिन के तीसरे कार्यकाल में ईरान रूस सम्बन्ध अपने बेहतरीन दौर में है कोई यह भी न समझे के रूस पर अमेरिकी प्रतिबन्धों के बाद रूस ईरान के नज़दीक आया है। उनके अनुसार ईरान रूस सम्बन्धो के विरुद्ध अमेरिका की कोई चाल कामयाब नहीं होगी क्योंकि रूसी हित इस बात की आज्ञा नहीं देंगे के पुतिन ईरान को लेकर अपना स्टैंड बदल लें।