दि स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार बेल्जियम सरकार ने यूरोप में सऊदी अरब की सहायता से फल फूल रही वहाबी विचारधारा पर चिंता जताई है। बेल्जियम राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि सऊदी अरब की आर्थिक सहायता से देश की मस्जिदों में वहाबी अपनी विचारधारा का प्रचार करते हैं ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाकी यूरोप की तरह बेल्जियम में भी मस्जिद और इस्लामिक सेंटर्स की संख्या में बढोत्तरी हुई है। वहाबियत सऊदी अरब की देखरेख में एक कट्टरपंथी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है वहाबी प्रचारकों को रियाज़ का खुला समर्थन प्राप्त है।
दुनिया भर के आतंकवादी इसी विचारधारा से प्रेरित है तथा अपने अलावा दूसरे तमाम लोगों को काफिर मानते हैं और उनकी हत्या कर देते हैं। हम बता देना चाहते हैं कि इन मस्जिदों के सभी इमाम सल्फी वहाबी हैं या उस विचारधारा से प्रेरित हैं।
सऊदी अरब ने दयावान बनते हुए विदेशी छात्रों को मोटी मोटी स्कालरशिप दी हुई है यही छात्र सऊदी से निकल कर यूरोप में वहाबी विचारधारा के प्रसार प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सऊदी रणनीति कार तथा वहाबी संगठन एकमत हैं कि यूरोप में अपनी पकड़ बनाने में यह योजना सबसे उप्युक्त है। रिपोर्ट कि अनुसार यही कारण है कि सीरिया और इराक में आतंकवादी गुटों से जुड़ने में इस देश के आंकड़े सबसे अधिक हैं।
ब्रुसेल्स एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन पर हुए बम धमाकों के बाद से ही यह देश रेड अलर्ट पर है इन हमलों में ३२ लोगों की मौत हो गयी थी । सऊदी समर्थित आतंकवादी गुट दाइश ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली थी ।
9 फ़रवरी 2017 - 18:20
समाचार कोड: 810581
दुनिया भर के आतंकवादी इसी विचारधारा से प्रेरित है तथा अपने अलावा दूसरे तमाम लोगों को काफिर मानते हैं और उनकी हत्या कर देते हैं।