अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार पवित्र प्रतिरक्षा के शहीदों की याद में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए जनरल अहमद रेजा पोरदस्तान ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम लीडर और सशस्त्र बलों के कमांडर इंनचीफ आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई के आदेशानुसार दुश्मन की हर हरकत की कड़ी निगरानी और हर कार्यवाई की ध्यानपूर्वक समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेना की खुफिया शक्ति और वर्चस्व, इस स्थान पर पहुंच चुका है कि हम अन्य देशों को सैन्य परामर्श प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान पर हमले के उद्देश्य में अफगानिस्तान और इराक़ के क्षेत्रों में एक लाख अस्सी हजार अमेरिकी सैनिकों को उतारा गया लेकिन सुप्रीम लीडर के निर्देशों, शहीदों के खून के आशीर्वाद और जनता के समर्थन के बदले में यह साजिश नाकाम हो गई।
उन्होंने कहा कि जब हमारी ताकत के प्रदर्शन ने अमेरिकियों पर स्पष्ट कर दिया कि वह ईरान पर सैन्य हमला करने की क्षमता नहीं रखते तो महान मध्य पूर्व के नाम से नई साजिश का कार्यान्वयन शुरू किया गया।
ईरान की थलसेना के उप कमांडर ने कहा कि महान मध्यपूर्व परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के देशों को विभाजित करना, इस्लामी दुनिया को संयुक्त ताकत बनने से रोकना और इस्राईल की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ने आईएस और अल-नुस्रा फ्रंट जैसे आतंकवादियों को बनाया और वह धर्म के नारे तले, शिया गठबंधन को रोकने और इस्लामी दुनिया के सुपर पावर बनने से रोकने की कोशिश कर रहा है।
3 फ़रवरी 2017 - 18:15
समाचार कोड: 809216
जनरल अहमद रेजा पोरदस्तान ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम लीडर और सशस्त्र बलों के कमांडर इंनचीफ आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई के आदेशानुसार दुश्मन की हर हरकत की कड़ी निगरानी और हर कार्यवाई की ध्यानपूर्वक समीक्षा की जा रही है