1 फ़रवरी 2017 - 09:19
आईएस ने मूसेल में 350 बच्चों को मौत के घाट उतारने की धमकी दी।

वहाबी आतंकी संगठन आईएस ने धमकी दी है के अगर किसी ने मूसेल से बाहर जाना चाहा तो वह घेराबन्दी में लिए गए ३५० हज़ार बच्चो को मौत के घाट उतार देगा।

वहाबी आतंकी संगठन आईएस ने धमकी दी है के अगर किसी ने मूसेल से बाहर जाना चाहा तो वह घेराबन्दी में लिए गए ३५० हज़ार बच्चो को मौत के घाट उतार देगा।
पूर्वी मूसेल में सहायता समूह के एक सदस्य महमूद ने कहा है कि मैने पश्चिम मूसेल में अपने परिवार से बात की है उनके पास खाने पीने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी नहीं कर सकता है बच्चों के लिए दूध भी नहीं बचा बाजार बन्द है जो कुछ बचाकर रखा हुआ था वह भी खत्म हो गया है।
वह कहते है कि सब की जान जोखिम में है अगर दाइश आतंकी समझ जाएं की कोई घर छोड़कर जाना जाता है तो पूरे परिवार को दरवाज़े पर ही मौत के घाट उतार देते है।
सहायता समूहों ने अलर्ट किया था कि अभी ३५० हज़ार से अधिक बच्चों के दाइश के चंगुल में फंसे होने की सम्भावना है और दाइश उन्हें सामूहिक रूप से प्रताड़ना देकर मार सकता है।
बच्चे बचाएं नामक एक संस्था ने रिपोर्ट दी थी कि पश्चिम मूसेल में दाइश की घेराबन्दी में फंसे ७५० हज़ार लोगों में अधिकतर बच्चे हैं। मूसेल की आज़ादी का अभियान शुरू हुए ३ महीने हो गए हैं लकन पश्चिम मूसेल अभी भी दाइश के चंगुल में है इस हिस्से में इराकी सेना की कार्यवाही के समय जानी नुकसान बढ़ने की आशंका है।
पश्चिम मूसेल को पूर्वी शहर से जोड़ने वाला पुल कई महीने से क्षतिग्रस्त है बच्चों के हितों में काम करने वाली संस्थाओं ने इराकी सेना से अपील की है कि वह अपने अभियान के समय मानव ज़िन्दगी बचाने पर ज़्यादा ध्यान दे ताकि जानी नुकसान कम से कम हो।
चाइल्ड हेल्प कमेटी के निदेशक मॉरिज़िओ करीवाल्व ने कहा है कि दाइश के साथ होने वाली झड़पों में होने वाले जानी नुकसान में आम जनता बराबर की भागीदार है लेकिन पश्चिमी मूसेल की तंग और भीड़ भरी गलियों में आम जनता की जान अधिक खतरे में है यहाँ बच्चे बुरी तरह से फंस गए हैं उनके लिए बचने की कोई जगह नहीं है उन्होंने कहा कि उनके लिए कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता की बम किस पक्ष की ओर से आ रहा है महत्व इस बात का है कि किस जगह ब्लास्ट हो रहे है। उन्होंने कहा की हमे बच्चों और उनके परिवार की सुरक्षा के यथा सम्भव प्रयास करने होंगे।