सऊदी पुलिस ने तमाम विरोध प्रदर्शनों और नियमों को ताक पर रखते हुए इस देश के पूर्व में स्थित ४०० साल पुराने गाँव अल मासूरा पर धावा बोलकर यहाँ रहने वाले दो हज़ार शियों की बिजली पानी को बन्द कर दिया है। कहा जा रहा है कि सऊदी हुकूमत क्षेत्रीय विकास के नाम पर यहाँ की गरीब जनता को बेघर करने पर उतारू हैं।
अरब मानवाधिकार आयोग और यूरोप के गैर सरकारी संगठनों ने इन हमलो को असंवैधानिक बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि रियाज अल मासुरा वासियों को यह अधिकार दे कि वह अपनी इच्छानुसार जहाँ चाहे रह सकें।
उधर पर्यटन और राष्ट्रीय धरोहर विभाग के अनुसार अल मासुरा जैसे गांवों पर हमला करना ऐतिहासिक स्थानों के संरक्षण में बाधा उत्पन्न करना है और एक अपराध है।
27 जनवरी 2017 - 12:40
समाचार कोड: 807590
सऊदी पुलिस ने तमाम विरोध प्रदर्शनों और नियमों को ताक पर रखते हुए इस देश के पूर्व में स्थित ४०० साल पुराने गाँव अल मासूरा पर धावा बोलकर यहाँ रहने वाले दो हज़ार शियों की बिजली पानी को बन्द कर दिया है।