4 जनवरी 2017 - 17:42
सुप्रीम लीडर के निर्देश पर अमल करके ही इस्लामी एकता स्थापित की जा सकती है।

आयतुल्लाह ख़ामेनई के आदेशों और निर्देशों का पालन करके ही इस्लामी समाज नजात पा सकते हैं क्योंकि आपने हमेशा इस्लामी एकता और भाईचारे का संदेश दिया है।

अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना: इस्लामी इंक़ेलाब ईरान के सुन्नी धर्मगुरू और मजमा जहानी तक़रीब बैनुलमज़ाहिब इस्लामी के सदस्य '' मौलाना अब्दुर्रज्जाक 'ने अबना के साथ इंटरव्यू में कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई के मार्गदर्शन और आपके निर्देशों का पालन करके ही इस्लामी गठबंधन संभव बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनई के आदेशों और निर्देशों का पालन करके ही इस्लामी समाज नजात पा सकते हैं क्योंकि आपने हमेशा इस्लामी एकता और भाईचारे का संदेश दिया है।
मजमा जहानी तक़रीब बैनुलमज़ाहिब इस्लामी के सदस्य ने मुस्लिम देशों के बीच एकता और एकजुटता को बढ़ावा देने में इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के महान प्रयासों को सराहते हुए इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने मुसलमानों के बीच एकता अखंडता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एकता और एकजुटता से ही मुसलमान दुश्मनों की साजिशों को नाकाम बनाकर उन्हें शिकस्त दे सकते हैं।
अहले सुन्नत धर्मगुरू के अनुसार सभी इस्लामी पंथों को इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी और सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई की सिफारिशों का पालन करके चौकसी से दुश्मनों की साजिशों को विफल करना चाहिए।
अहले सुन्नत धर्मगुरू ने कहा कि इस्लाम के दुश्मन ब्रिटिश द्वारा चलने वाली शीयत और अमेरिकी शैली पर आधारित सुन्नियों के माध्यम से इस्लामी गठबंधन को तोड़ने के क्रम में मुसलमानों के धार्मिक समारोहों में घुसपैठ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दुश्मनों की गतिविधियों को रोकने के लिए मुसलमानों को संघर्ष के साथ-साथ संयम से काम लेना चाहिए।
मौलाना अब्दुर्रज्ज़ाक ने मज़ीद कहा कि पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद की दो कीमती और मुक़द्दस विरासत अहलेबैत अ. और क़ुरआन करीम की शिक्षाओं का पालन करके ही मुसलमानों सही रास्ते पर अग्रसर हो सकते हैं और उनकी ही दो कीमती विरासतों का पालन कर मुसलमान अज्ञानता और ज़वाल का शिकार नहीं हो सकते।