इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने शरीफ़ युनिवर्सिटी आफ़ टेक्नालोजी के मेडल जीतने वाले मेधावी छात्रों और शोधकर्ताओं से मुलाक़ात में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने देश के मेधावी छात्रों को देश और इस्लामी व्यवस्था के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नई उम्मीद और ताज़ा हवा का झोंका ठहराया। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि मेधावी छात्रों का अस्तित्व देश के भविष्य को ज्ञान, अनुभव, क्षमता, धर्म और क्रान्ति की ख़ुशबू से समृद्ध कर देगा। 21वीं शताब्दी विज्ञान तथा वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धा की शताब्दी है और वास्तविक शक्ति भी इसी विभाग में निहित है। बहुत से देश विकास और उन्नति के मैदान में आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने वैज्ञानिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पूंजीनिवेश किया है। दूसरे शब्दों में विकास और ज्ञान की दुनिया में शक्ति प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक मानकों को महत्व दिया जाता है। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर के अनुसार ईरान में विज्ञान आंदोलन व्यवहारिक परिणाम तक पहुंचना चाहिए। ईरान ने अपनी 20 वर्षीय विकास योजना में ईरान को मध्यपूर्व में वैज्ञानिक दृष्टि से पहले नंबर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है जो स्ट्रैटेजिक लक्ष्य है।
पश्चिमी देशों ने वैज्ञानिक क्षेत्र में विकास किया है लेकिन ख़ुद को अध्यात्म और नैतिकता से दूर कर लिया है और अनुभवों से साबित हो गया है कि केवल विज्ञान के सहारे कोई राष्ट्र सफल जीवन प्राप्त नहीं कर सकता अतः इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने इस महत्वपूर्ण बिंदु को रेखांकित किया कि पश्चिमी देशों में वैज्ञानिक विकास के बावजूद वैचारिक भटकाव और नैतिक व व्यवहारिक पतन के कारण समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई अर्थात परिवार बिखरते जा रहे हैं।
वर्तमान संसार की सबसे बड़ी मशकिल यही है कि पश्चिमी देशों में समाज आधुनिक अज्ञानता की ओर बढ़ते जा रहे हैं और विज्ञान मानवता की तबाही का माध्यम बनकर रह गया है इसलिए कि इसके माध्यम से परमाणु बम जैसे ख़तरनाक हथियार बनाए जा रहे हैं। यह स्थिति पश्चिम में नैतिकता और अध्यात्म के अंत का प्रमाण है जो आख़िरकार उसे तबाह करके रख देगी।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर का कहना था कि देश के मेधावी छात्रों को एसा बनना चाहिए कि वह क्षेत्र, इस्लामी जगत और पूरे विश्व के लिए आदर्श बनें। उनका कहना था कि मेधावी छात्रों को आलंपियाडों में मिलने वाले मेडल की आध्यात्मिक क़ीमत इसकी भौतिक क़ीमत से कई गुना ज़्यादा है।
3 जनवरी 2017 - 14:43
समाचार कोड: 802481
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने शरीफ़ युनिवर्सिटी आफ़ टेक्नालोजी के मेडल जीतने वाले मेधावी छात्रों और शोधकर्ताओं से मुलाक़ात में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया।