अबलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब की सिपाहे पासदारान सेना के कमांडर जनरल मोहम्मद अली जाफ़री ने बुधवार को तेहरान में सिपाह की नौसेना कैडेटों के शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली असाधारण संवेदनशीलता के कारण सिपाहे पासदारान सेना हर तरह के ख़तरे का मुकाबला करने के लिए हर समय तैयार रहती है।
उन्होंने सिपाह की महत्वपूर्ण और गंभीर जिम्मेदारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि सिपाहे पासदारान की नौसेना का गठन सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान किया गया और फिर जंग के बाद फार्स की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में उसने अपनी सक्रिय उपस्थिति को साबित किया है।
सिपाहे पासदारान के कमांडर ने वर्चस्ववादी व्यवस्था तथा साम्राज्यवाद से मुकाबले को इस्लामी इंक़ेलाब का मूल नारा बताया और कहा कि आज तक दुश्मन की हर साजिश को नाकाम बनाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सिपाहे पासदारान की आज की क्षमताओं की ईरान-इराक़ जंग के दौरान की क्षमताओं से तुलना नहीं की जा सकती उन्होंने कहा कि यह बात पूरे यक़ीन के साथ कही जा सकती है कि सिपाहे पासदारान की आज की क्षमता जंग के दौरान की ताक़त से दसियों गुना अधिक है और ईरानी सेना आज क्षेत्र की सबसे शक्तिशाली सेना है।
26 अक्टूबर 2016 - 18:03
समाचार कोड: 788026
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब की सिपाहे पासदारान सेना के कमांडर जनरल मोहम्मद अली जाफ़री ने बुधवार को तेहरान में सिपाह की नौसेना कैडेटों के शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली असाधारण संवेदनशीलता के कारण सिपाहे पासदारान सेना हर तरह के ख़तरे का मुकाबला करने के लिए हर समय तैयार रहती है।