29 जुलाई 2015 - 14:53
 ज़ायोनी प्रधानमंत्री जॅान केरी के इस्राईल न आने से नाराज़।

ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने कहा कि अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के तेल अवीव दौरे का कोई तर्क नहीं है।

ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने कहा कि अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के तेल अवीव दौरे का कोई तर्क नहीं है।
जब नेतनयाहू ने यह सुना कि केरी मध्यपूर्व के अपने दौरे के दौरान तेल अवीव नहीं आएंगे तो वे बोले कि जॉन केरी के तेल अवीव दौरे का कोई तर्क नहीं है।अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने कहा कि केरी रविवार को मिस्र जाएंगे फिर वहां से क़तर जाएंगे।  जॉन कर्बी के अनुसार क़तर से केरी पूर्वी एशिया के दौरे के लिए रवाना होंगे। तेल अवीव को अमरीकी विदेशमंत्री के दौरे में शामिल न किया जाना, इस्राईल के लिए एक झटका समझा जा रहा है क्योंकि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु सहमति के विषय पर क्षेत्रीय घटकों की चिंताओं को दूर करने के लिए जान केरी यह दौरा कर रहे हैं।
इस्राइली सेना के रेडियो के अनुसार, नेतनयाहू ने पत्रकारों से झल्लाते हुए कहा, “उनके पास यहां आने के लिए कोई तर्क नहीं है। ईरान के साथ समझौते से हमारा कोई लेना-देना नहीं। इसका हमपर कोई असर नहीं है।”
व्हाइट हाउस ने परमाणु सहमति को व्यवहारिक बनाने के लिए कैपिटल हिल पर दबाव बढ़ाना शुरु कर दिया है ताकि अमरीकी कांग्रेस में जिन लोगों को इस सहमति के संबंध में संशय है उसे दूर किया जा सके। अमरीकी कांग्रेस के पास इस सहमति की समीक्षा के लिए 17 सितंबर तक का वक़्त है। अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने शुक्रवार को अमरीकी विदेश संबंधों की परिषद की बैठक में कहा कि अगर कांग्रेस ने ईरान के साथ सहमति को रद्द किया तो दुनिया इस्राईल को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराएगी जिसने इस सहमति के ख़िलाफ़ बहुत प्रौपैगंडा किया है। केरी ने कहा, “मुझे इस बात का डर है कि अगर कांग्रेस ने इसे रद्द किया तो इस्राईल और अलग थलग पड़ जाएगा तथा उसे और दोषी ठहराया जाएगा।”
ज्ञात रहे अमरीका में इस्राईल समर्थक सबसे बड़ी लॉबी एआईपीएसी, अमरीकी सांसदों को किसी तरह यह समझाने की कोशिश कर रही है कि वे परमाणु सहमति के ख़िलाफ़ वोट दें।