इराक़ के प्रभावशाली धार्मिक गुरू मुक़तदा सद्र ने इराक़ के विभाजन के लिए विवादित प्रस्ताव लाने के प्रति अमरीकी कांग्रेस को चेतावनी दी है।
बुधवार को मुक़तदा सद्र ने अमरीकी कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा, अगर इराक़ी सुन्नियों और कुर्दों के लिए देश के विभाजन को कांग्रेस ने औपचारिकता प्रदान की तो इराक़, अमरीकियों के लिए सुरक्षित स्थान नहीं रह जाएगा और इस विभाजन को कदापि स्वीकार नहीं करने वाली इराक़ी जनता अमरीकी हितों को निशाना बनाएगी।
सद्र ने कि जो एक समय शक्तिशाली मेहदी आर्मी का नेतृत्व कर चुके हैं और इराक़ में काफ़ी लोकप्रिय नेता माने जाते हैं, कहा कि इस स्थिति में हम अपनी सैन्य शाख़ा को पुनः सक्रिय करने के लिए मजबूर हो जायेंगे और इराक़ और उसके बाहर अमरीकी हितों को निशाना बनायेंगे।
उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को कांग्रेस की सशस्त्र सेवा समिति की ओर से जारी किए गए वार्षिक रक्षा बिल में अमरीकी सरकार को प्रस्ताव दिया गया है कि वह अलग कुर्द और सुन्नी देशों को मान्यता प्रदान करे और आईएसआईएल से लड़ने के लिए इराक़ी सरकार को दी जाने वाली 71 करोड़ 50 लाख डॉलर की राशि का 25 प्रतिशत इन देशों की सहायता के लिए उपलब्ध कराए।
प्रस्ताव के मसौदे में कहा गया है कि यह राशि बढ़ाकर 60 प्रतिशत भी की जा सकती है।
इस बिल में कुर्दिश पीशमर्गा बल और सुन्नी क़बीलों के सशस्त्र बलों को अलग देश की राष्ट्रीय सेना के रूप में मान्यता देने और इन्हें सीधे रूप से सहायता देने का भी प्रस्ताव है।
इराक़ के धर्मगुरू मुक़तदा सद्र का कहना है कि यह सीधे तौर पर देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करके उसे विभाजित करने की साज़िश है और अगर इसे पारित किया जाता है तो यह एक ख़तरनाक त्रासदी की शुरूआत होगी।
उन्होंने कहा कि समस्त इराक़ियों को अपने देश की संप्रभुता एवं अंखडता की रक्षा करते हुए इस प्रकार की साज़िश को रद्द कर देना चाहिए, वरना यह बहुत बड़ी त्रासदी का आरंभ होगा।
उन्होंने इराक़ी संसद और सरकार से भी इस संबंध में कड़ा रुख़ अपनाने की मांग करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव का मूंह तोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।
30 अप्रैल 2015 - 10:35
समाचार कोड: 687485
इराक़ के प्रभावशाली धार्मिक गुरू मुक़तदा सद्र ने इराक़ के विभाजन के लिए विवादित प्रस्ताव लाने के प्रति अमरीकी कांग्रेस को चेतावनी दी है।