इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि आर्थिक समस्याओं की चाबी लूसान, जेनेवा और न्यूयार्क में नहीं है।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने मज़दूर सप्ताह के उपलक्ष्य में देश के मज़दूर वर्ग के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात में कहा कि यदि आर्थिक समस्याओं का समाधान होना है तो आंतरिक उत्पाद के विषय पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जो वस्तुएं सरकारी उपभोग की है उन्हें कदापि बाहर से नहीं मंगाना चाहिए और सरकार को इस बात का फ़ैसला कर लेना चाहिए कि जिस वस्तु के भी देश के भीतर उत्पादन की संभावना हो उसे विदेश से मंगा कर प्रयोग करने को अपने लिए वर्जित कर ले।
उन्होंने कहा कि मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि ईरानी राष्ट्र के शत्रुओं ने देश पर जो अत्याचारपूर्ण प्रतिबंध थोप रखे हैं वे निष्प्रभावी नहीं हैं किंतु मैं इस बात को नहीं मानता कि ये प्रतिबंध, देश के भीतर उत्पादन को बढ़ाने की सुनियोजित और सार्वजनिक कोशिशों में भी रुकावट डाल सकते हैं। वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह नहीं कहा जाना चाहिए कि प्रतिबंध की कठिन परिस्थितियों में उत्पादन संभव नहीं है, बल्कि यह संभव है। आप जिस बात का फ़ैसला करें उसे करें, प्रयास करें, अपनी शक्ति का प्रयोग करें और ईश्वर से मदद चाहें तो यह संभव है।आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने इस मुलाक़ात में देश के भीतर उत्पादन पर भरपूर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आर्थिक समस्याओं की चाबी लूसान, जेनेवा और न्यूयार्क में नहीं बल्कि देश के भीतर ही है।
29 अप्रैल 2015 - 14:46
समाचार कोड: 687308
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि आर्थिक समस्याओं की चाबी लूसान, जेनेवा और न्यूयार्क में नहीं है।