29 अप्रैल 2015 - 14:31
 सऊदी शाही सरकार के ढांच में बड़ा फेर बदल, नई नियुक्तियां

यमन पर अंधाधुंध बम्बारी कर रहे सऊदी अरब की शाही सरकार कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं।

यमन पर अंधाधुंध बम्बारी कर रहे सऊदी अरब की शाही सरकार कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं।
देश के गृह मंत्री और नरेश के उत्तराधिकारी के उत्तराधिकारी मोहम्मद बिन नाएफ़ को अब नरेश का उत्तराधिकारी बना दिया गया है जबकि रक्षा मंत्री मोहम्मद बिन सलमान को नरेश  के उत्तराधिकारी के उत्तराधिकारी का पद सौंपा गया है।
अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत आदिल जुबैर को विदेश मंत्री बना दिया गया है और सऊदुल फ़ैसल विदेश मंत्री पद से हट गए हैं।
बुधवार की सुबह सऊदी नरेश ने एक फ़रमान जारी करके कई और पदों में फेर बदल कर दिया है जिसके अनपेक्षित कहा जा रहा है।
सलमान नरेश ने मुक़रिन को अपने उत्तराधिकारी पद से हटाया और यह पद मोहम्मद बिन नाएफ़ को दे दिया, नरेश ने अपने फ़रमान में कहा है कि मुक़रिन के अपने अनुरोध पर उन्हें इस पद से हटाया गया है।
सऊदी अरब में किसी को अपदस्थ किए जाने के अवसर पर शाही फ़रमान में अधिकतर यही कहा जाता है कि अधिकारी को उसकी इच्छ पर पद से हटाया गया है।
इस प्रकार यह बात स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान नरेश के बाद मोहम्मद बिन नाएफ़ और उनके बाद मोहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के नरेश बनेंगे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊदुल फ़ैसल चालीस साल से इस पद पर थे किंतु अब उन्हें हटाकर आदिल जुबैर को यह पद सौंपा गया है।
इसी प्रकार स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री, श्रम मंत्री के पदों पर भी नई नियुक्तियां हुई हैं।
सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ के नरेश बनने के बाद से यह अटकलें थीं कि शाही सरकार के भीतर बड़े पैमाने पर फेर बदल हो सकती है।
सऊदी अरब में शाही खान्दान के युवराजों की संख्या 6 हज़ार से अधिक है जिनमें आपस में सत्ता को लेकरखींचतान जारी रहती है।
यमन पर हमले के बाद सऊदी अरब की शाही खान्दान में मतभेद बढ़ गये और एेसी भी खबरें थीं कि सऊदी नरेश, संभावित विद्रोह से बचने के लिए कड़े उपाय कर रहे हैं।
सऊदी नरेश सलमान ने  शाही श्रंखला के संस्थापक और अपने पिता अब्दुलअज़ीज़ के 35 बेटों में से सबसे छोटे बेटे मुक़रिन बिन अब्दुलअज़ीज को हटा कर अपने एक भतीजे मुहम्मद बिन नाएफ़ को उत्तराधिकारी बनाया  है।
इस प्रकार से सऊदी अरब की सत्ता पहली बार अब्दुलअज़ीज़ के बेटों के बजाए उनके एक पोते को मिल सकती है।
सऊदी अरब में शाही व्यवस्था के अनुसार, सत्ता अब्दुल अज़ीज़ के बेटों को मिलती है।
बड़े भाई के मरने के बाद सत्ता उससे छोटे भाई को मिल जाती है।