20 अप्रैल 2015 - 17:32
इस्राईल क्षेत्रीय देशों के लिये सबसे बड़ा ख़तरा।

राष्ट्रपति रूहानी ने परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों जैसे जनसंहारक शस्त्रों की दृष्टि से ज़ायोनी शासन को क्षेत्र के लिए मुख्य ख़तरा बताया है।

अबना- राष्ट्रपति रूहानी ने परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों जैसे जनसंहारक शस्त्रों की दृष्टि से ज़ायोनी शासन को क्षेत्र के लिए मुख्य ख़तरा बताया है।
डॉक्टर रूहानी ने सोमवार को तेहरान में अलजीरिया के नए राजदूत अब्दुल मुनइम अहरीज़ से प्रत्यय पत्र लेने के बाद, क्षेत्र के देशों में आतंकवाद के ख़तरे और राजनैतिक उथल-पुथल की ओर इशारा किया और कहा कि लीबिया, सीरिया और यमन की समस्याएं सैनिक मार्ग से हल नहीं होंगी और सभी को मुश्किलों को राजनैतिक मार्ग से हल के लिए मदद करनी चाहिए। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि यमन में बच्चों और महिलाओं सहित बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं और इस देश के मूल ढांचे का बहुत बड़ा भाग तबाह हो गया है। ऐसे हालात में कुछ क्षेत्रीय देशों ने झड़प व टकराव को रोकने व शांति व स्थिरता के लिए गठजोड़ बनाने के बजाए, क्षेत्र पर बमबारी का गठजोड़ बनाया है।
उन्होंने पिछले कुछ साल में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के संबंध में अलजीरिया के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों का इस विषय पर एक ही दृष्टिकोण है कि सभी देश परमाणु अप्रसार संधि के परिप्रेक्ष्य में शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा से लाभ उठाएं और क्षेत्र सहित पूरी दुनिया सामूहिक विनाश के हथियारों से पाक हो। डॉक्टर रूहानी ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक में ईरान और अलजीरिया की सदस्यता का उल्लेख करते हुए तेल की मौजूदा क़ीमत को उत्पादकों और विश्व मंडी की स्थिरता के लिए हानिकारक बताया और आशा जतायी कि दोनों देश एक जैसे दृष्टिकोण रखने वाले अन्य देशों के साथ मिल कर बाज़ार में संतुलन लाने की दिशा में कोशिश जारी रखेंगे।
इस अवसर पर तेहरान में अलजीरिया के नए राजदूत ने भी अपने देश के राष्ट्रपति की ओर से वरिष्ठ नेता, ईरानी राष्ट्रपति, राष्ट्र व सरकार को हार्दिक सलाम पेश करने के साथ, कहा कि अलजीरिया के उच्च स्तरीय अधिकारी ईरान के साथ सहयोग में विस्तार के इच्छुक हैं।