अबनाः यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण में मिस्र के शामिल होने के बावजूद क़ाहेरा ने यमन संकट के राजनैतिक मार्गों से समाधान पर बल दिया है।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़त्ताह सीसी ने कहा है कि यमन संकट का समाधान राजनैतिक मार्गों से किया जाना चाहिए। यह ऐसी स्थिति में है कि जब मिस्र की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर मुहम्मद समीर ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा था कि यमन के विरुद्ध हो रहे हमलों में मिस्र की वायु सेना और नौसेना के जवान भाग ले रहे हैं किंतु उन्होंने इसी के साथ इस बात का खंडन किया था कि मिस्र की थल सेना के जवान यमन में मौजूद हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब मिस्र सहित अपने कुछ घटकों के साथ 26 मार्च से यमन पर व्यापक वायु हमले कर रहा है जिसके चलते इस देश में 2600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और यह देश मानवीय त्रासदी के मुहाने पर पहुंच गया है।
18 अप्रैल 2015 - 12:29
समाचार कोड: 684636
यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण में मिस्र के शामिल होने के बावजूद क़ाहेरा ने यमन संकट के राजनैतिक मार्गों से समाधान पर बल दिया है।