15 अप्रैल 2015 - 19:17
 रूस के ऐलान पर इस्राईल में मची खलबली।

रूस की ओर से ईरान को एस 300 मिसाइल सिस्टम दिए जाने के ऐलान के तुरंत बाद इस्राईली प्रधानमंत्री नितिन याहू ने रूस के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि रूस द्वारा ईरान को मिसाइल प्रणाली देने का मतलब परमाणु समझौते को वैधता देना है।

अबनाःरूस की ओर से ईरान को एस 300 मिसाइल सिस्टम दिए जाने के ऐलान के तुरंत बाद इस्राईली प्रधानमंत्री नितिन याहू ने रूस के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि रूस द्वारा ईरान को मिसाइल प्रणाली देने का मतलब परमाणु समझौते को वैधता देना है। इस्राईली प्रधानमंत्री ने रूस को धमकाने की कोशिश करते हुए कहा कि रूस ईरान को हथियार बेचकर आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है! इसी दौरान एक अमेरिकी अधिकारी ने भी रूस के इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि रूस के इस कदम से ईरान की रक्षा प्रणाली और मजबूत हो जाएगी और ईरान का मुकाबला करना क्षेत्र के देशों के लिए असंभव हो जाएगा। गौरतलब है कि यह बात किसी से ढकी छुपी नहीं है कि दुनिया में कौन आतंकवादी है और कौन आतंकवाद का शिकार है? ईरान पर आतंकवादी होने का आरोप लगाने वाले इस्राईली नेता जरा अपने गरेबान में झांक कर देखें कि वह दुनिया में कितने नंबर के आतंकवादी हैं? यह बच्चा बच्चा जानता है कि अगर दुनिया में कहीं आतंकवाद पनपता है तो उसके पीछे इस्राईल और अमेरिका का हाथ होता है ऐसे में इस्राईल को स्वयं को शुद्ध व साफ कहना और ईरान को आतंकवादी देश ठहराना दुनिया को उल्लू बनाने के समान है। सच्चाई तो यह है कि ईरान से क्षेत्र के किसी भी देश को कोई खतरा नहीं है अगर खतरा है तो वह खुद अमेरिका की अवैध संतान इस्राईल को है।   ईरान के परमाणु वार्ता में व्यापक समझौते के लिए पहला कदम उठाए जाने के बाद रूस ने ईरान को एस 300 मिसाइल प्रणाली देने का ऐलान किया है।
रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ ने कहा है कि ईरान को एस 300 रक्षा मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति से किसी देश को कोई खतरा नहीं होगा रूस की ओर से ईरान को इस सिस्टम की आपूर्ति रद्द किये जाने के समाचार सामने आने के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ ने ताकीद की है कि ईरान को इस प्रणाली की आपूर्ति, किसी भी देश के लिए खतरा नहीं है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को ईरान के इस सिस्टम आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध को रद्द करने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि दो हजार सात में इस बारे में तेहरान और मॉस्को के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुये थे लेकिन अमेरिका और ज़ायोनी शासन के दबाव और प्रतिबंधों की वजह से ईरान को यह मिसाइल प्रणाली दिये जाने से बचा जा रहा था।
अलअर्बियह टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार रूसी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि ईरान को जल्द ही एस 300 रक्षा मिसाइल प्रणाली दे दी जाएगी। एस 300 सिस्टम में पहले केवल हवा में विमानों और क्रूज मीज़ाईलों का मुकाबला करने की क्षमता थी मगर इसे अपग्रेड किए जाने के बाद अब इस सिस्टम को बलस्टिक मीज़ाईलों का मुकाबला करने की भी क्षमता है।