अबनाः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अरब देशों की ओर से उस प्रस्तावित मसौदे पर मतदान होने वाला है जिसमें अरब देशों ने यमन के हौसी नेताओं पर हथियार की पाबंदी और उनके नियंत्रण वाले इलाक़े ख़ाली कराने की मांग की है।
यह प्रस्ताव जॉर्डन सहित फ़ार्स की खाड़ी के कुछ अरब देशों ने पेश किया है जिस पर मंगलवार को मतदान होने का कार्यक्रम है। यदि प्रस्तावित मसौदा पारित हो गया तो हौसी आंदोलन के प्रमुख नेता अब्दुल मालिक अलहौसी, इस आंदोलन के कमान्डर अब्दुल ख़ालिक अलहौसी और सेकन्ड कमान्डर अब्दुल्लाह यहया अलहकीम सहित इस आंदोलन के बड़े नेताओं पर हथियार की पाबंदी लग जाएगी।
उधर वीटो पावर रखने वाले रूस ने बल दिया है कि यमन में हथियारों की पाबंदी सिर्फ़ हौसियों पर नहीं बल्कि यमन के संकट में शामिल सभी पक्षों पर लगना चाहिए।
प्रस्तावित मसौदे में हौसियों के सफ़र करने और उनकी संपत्ति को सील करने की भी मांग की गयी है।
यमन में हौसी उस जन समितियों का हिस्सा हैं जिसने इस देश के तत्कालीन राष्ट्रपति अब्द रब्बोह मंसूर हादी से इस देश में आतंक और भ्रष्टाचार की रोकथाम में नाकाम रहने का आरोप लगा कर इस देश की सत्ता को अपने हाथ में ले लिया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावित मसौदे में यमन में सभी पक्षों से हिंसा रोकने और संयुक्त राष्ट्र संघ की मध्यस्थता से वार्ता शुरु करने का आग्रह किया गया है।
इससे पहले रूस ने इसी महीने सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव का मसौदे पेश किया था जिसमें यमन से विदेशी नागरिकों को ख़ाली कराने के लिए सऊदी अरब के हवाई हमलों को इंसानी आधार पर रोकने की मांग की गयी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद रूस के प्रस्ताव के मसौदे पर विचार कर रहा है।
ज्ञात रहे सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र संघ की इजाज़त के बिना यमन पर 26 मार्च से हवाई हमले शुरु किए जिसमें अब तक 200 बच्चों सहित 1000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
14 अप्रैल 2015 - 19:13
समाचार कोड: 683736
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अरब देशों की ओर से उस प्रस्तावित मसौदे पर मतदान होने वाला है जिसमें अरब देशों ने यमन के हौसी नेताओं पर हथियार की पाबंदी और उनके नियंत्रण वाले इलाक़े ख़ाली कराने की मांग की है।