अबनाः इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश सचिव ने कहा है कि बड़े खेद की बात है कि क्षेत्र के दुश्मन, सऊदी अरब को कमज़ोर करने और इस देश के विभाजन का प्रयास कर रहे हैं और यमन पर हमला, इस षडयंत्र का आरंभ है।
विदेशमंत्रालय में अरब और अफ्रीकी मामलों के निदेशक, हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने रविवार को एक वार्ता में अमरीका से मांग की कि वह क्षेत्र में दोहरी नीतियों को छोड़ दे और सऊदी अरब से भी उन्होंने सिफारिश की कि यमन में अमरीकी सहायता पर ज़्यादा भरोसा न करे।
उन्होंने कहा कि यमन के क्रांतिकारी, वहां की जनता और मुसलमान, मक्का और मदीना में पवित्र स्थलों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता समझते हैं किंतु यमन पर हमले का जारी रहने दूसरा विषय है कि जिसका अपना अनिवार्य प्रभाव होगा
उन्होंने कहा कि यह समय सऊदी अरब के लिए ठीक नहीं है और रियाज़ ने यमन पर हमला करके क्षेत्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ किया है किंतु संयुक्त अरब इमारात की ओर से इस खेल में सहयोग, आश्चर्यजनक है।
विदेश सचिव ने यमन में दो ईरानी सैनिकों के गिरफ्तार होने की रिपोर्टों को गलत बताते हुए कहा कि ईरान का कोई सैनिक, यमन में नहीं है।
13 अप्रैल 2015 - 11:50
समाचार कोड: 683325
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश सचिव ने कहा है कि बड़े खेद की बात है कि क्षेत्र के दुश्मन, सऊदी अरब को कमज़ोर करने और इस देश के विभाजन का प्रयास कर रहे हैं और यमन पर हमला, इस षडयंत्र का आरंभ है।