9 अप्रैल 2015 - 19:19
जब तक सभी प्रबंध न हट जायें समझौता नहीं होगा।

डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि विश्व शक्तियों का इस बात को मानना ही होगा कि वे पाबंदियों और दबाव से ईरान को नहीं झुका सकतीं और परमाणु बातचीत की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

अबनाः राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक से पीछे नहीं हटेगा। डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि विश्व शक्तियों का इस बात को मानना ही होगा कि वे पाबंदियों और दबाव से ईरान को नहीं झुका सकतीं और परमाणु बातचीत की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने गुरुवार को तेहरान में राष्ट्रीय परमाणु प्रौद्योगिकी दिवस के एक समारोह में इस बात पर बल दिया कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक की प्राप्ति के मार्ग से पीछे नहीं हटेगा और कहा कि तर्क और मध्यमार्ग के ज़रिए ही ईरान, चरमपंथ पर विजयी हुआ है।
ईरानी राष्ट्रपति ने स्वीज़रलैंड के लूसान शहर में परमाणु सहमति को दुनिया के साथ सार्थक सहयोग की दिशा में पहला क़दम बताया और इस बात पर बल दिया कि यह सहमति सबके हित में है। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसे सभी देशों की तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाएगा जो आपसी सम्मान और हितों के आधार पर काम करना चाहते हैं। डाक्टर रूहानी ने कहा कि कुछ धौंस-धमकी देने वाले, जो यह सोच रहे थे कि ताक़त से ही दुनिया में अपनी बात मनवायी जा सकती है, वे ईरान को झुकाना चाहते थे मगर दुनिया के ज़्यादातर देश ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के पक्षधर थे और विभिन्न मंचों पर उन्होंने इस बात को स्वीकार भी किया है।
ईरान की कार्यपालिका के अध्यक्ष डाक्टर रूहानी ने यमन संकट के संबंध में क्षेत्र के देशों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रों का सम्मान कीजिए, बेगुनाह बच्चों का ख़ून न बहाइये क्योंकि यमन जैसे महान राष्ट्र को बमबारी के ज़रिए नहीं झुकाया जा सकता, बल्कि सभी को जंग की समाप्ति और यमन की पीड़ित जनता को मानवीय सहायता पहुंचाने के बारे में सोचना चाहिए।