8 अप्रैल 2015 - 07:52
इस्राईली हुकूमत परमाणु वार्ता का विरोध करके वैधता प्राप्त करने की कोशिश कर रही है

ईरान की शासन प्रणाली के हितों की पहचान करने वाली परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि चूंकि इस्राईली हुकूमत का अस्तित्व अवैध है इसी कारण वह परमाणु वार्ता का विरोध कर रही है।

अबनाः  ईरान की शासन प्रणाली के हितों की पहचान करने वाली परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि चूंकि इस्राईली हुकूमत का अस्तित्व अवैध है इसी कारण वह परमाणु वार्ता का विरोध कर रही है। आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी ने कहा है कि इस्राईली हुकूमत परमाणु वार्ता का विरोध करके वैधता प्राप्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों की ओर से परमाणु वार्ता का विरोध, उनकी गलत पहचान और अनुमान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से मुसलमानों की पनाहगाह है और ईरान के सभी पक्ष, इस्लाम पर आधारित हैं। ईरान की शासन प्रणाली के हितों की पहचान करने वाली परिषद के प्रमुख आयतुल्लाह रफसंजानी ने जिनेवा वार्ता और लोज़ान के साझा बयान की ओर इशारा करते हुए कहा कि संभवतः कुछ देशों ने अपने आंतरिक समस्याओं के मद्देनजर लोज़ान बयान की व्याख्या करते हुए अगले तीन महीनों में होने वाले अंतिम समझौते के संबंध में कुछ संदेह पैदा किए हैं लेकिन विश्व जनमत जान चुका है कि अब तक जो ईरान के बारे में कहा जाता था वह झूठ और राजनीतिक लक्ष्य के लिए था और उसका स्रोत कपट व कीना था।