अबनाः मेह्र समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार यमन पर थोपी गई लड़ाई में सऊदी अरब ने बड़े शैतान अमेरिका सहित अपने पश्चिमी आकाओं और एशियाई गुलाम देशों से मदद करने की अपील की है,सऊदी अरब ने अल्लाह के बजाये बड़े शैतान और शैतान के समर्थक देशों से मदद मांगी है जो सऊदियों के शिर्क का स्पष्ट सबूत है।
उधर संयुक्त राष्ट्र में बच्चों की संस्था यूनेसफ ने घोषणा की है कि यमन में सऊदी अरब के आपराधिक और क्रूर हवाई हमलों में अब तक 62यमनी बच्चे शहीद हो चुके हैं।
ग़ौरतलब है यमन की जनता के खिलाफ सऊदी अरब ने गुरुवार से क्रूर और बर्बर हमलों का सिलसिला जारी रखा हुआ है जिसमें अब तक सैकड़ों लोग शहीद और घायल हो चुके है, शहीदों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सऊदी अरब के बर्बर और क्रूर हमलों में पाकिस्तान, मिस्र और सूडान के अलावा दस देश भी भाग ले रहे हैं और सऊदी करेंसी की लालच में यमन के बेगुनाह बच्चों के खून में हाथ रंगीन कर रहे हैं।
यमन में सऊदी अरब के तानाशाह राजा अबू जहल और अबू लहब के रास्ते पर अग्रसर है। सऊदी अरब की सरकार का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, आले सऊद अबू जहल, अबू लहब, क़ुरैश के काफ़िरों और बड़े शैतान अमेरिका के रास्ते पर अग्रसर हैं और अमेरिका समर्थक सरकारों का उसे समर्थन प्राप्त है।