अहलेबैत अ. समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मरज़िया अफख़म ने यमन में सऊदी अरब के हवाई हमलों की निंदा करते हुए इस कार्यवाही को खतरनाक और स्वतंत्र देशों की संप्रभुता के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों और दायित्वों के खिलाफ़ बताया। मरज़िया अफख़म ने एक बयान में इस बात पर जोर दिया कि यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से कि जो आंतरिक संकट का शिकार और आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है, हालात और ज़्यादा जटिल होने, संकट का दायरा फैलने और यमन के आंतरिक मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए अवसर हाथ से निकलने का कारण बनेगी।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यमन के समूहों और दलों के बीच होने वाले राष्ट्रीय समझौतों पर अमल पर जोर देते हुए यमन और उसकी जनता के खिलाफ होने वाले हवाई हमलों और सभी जंगी कार्यवाहियों को रोकने की मांग की। उन्होंने उग्रवाद के प्रसार और आतंकवाद को मज़बूती मिलने के पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस आक्रामकता का परिणाम आतंकवाद और चरमपंथ के प्रसार के अलावा और कुछ नहीं निकलेगा और पूरे क्षेत्र में अशांति फैल जाएगी।
दूसरी ओर ईरान के उप विदेश मंत्री हुसैन अमीर अबदुल्लहियान ने यमन में सभी पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने और देश की अखंडता के संरक्षण पर जोर दिया है। हुसैन अमीर अबदुल्लाहियान ने जो यमन के संकट की स्थिति सहित क्षेत्र के परिवर्तन के बारे में रूस के अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के लिए मॉस्को गए हैं, कहा कि यमन के राजनीतिक गुटों के बीच बातचीत से ही समस्या का हल निकाला जा सकता है।
26 मार्च 2015 - 19:12
समाचार कोड: 679215
ईरान ने कहा है कि यमन में सऊदी अरब के हमलों से हालात और जटिल होंगे और संकट का दायरा भी बढ़ जाएगा।