अबनाः ग़ज़्ज़ा पट्टी पर पिछले हमले में भाग लेने वाले सैकड़ों ज़ायोनी सैनिक मानसिक उपचार करा रहे हैं।
इस्राईल टुडे समाचारपत्र के अनुसार ग़ज़्ज़ा युद्ध में भाग लेने वाले साढ़े तीन सौ ज़ायोनी सैनिकों का दुःस्वप्न और बौखलाहट जैसी घटना के बाद के तनाव नामक मानसिक रोग की निशानियों के कारण उपचार किया गया है। इस समाचारपत्र ने इस्राईल के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा है कि ग़ज़्ज़ा के पचास दिवसीय युद्ध में अत्यधिक तनाव के कारण सैकड़ों ज़ायोनी सैनिक विभिन्न मानसिक रोगों में ग्रस्त हो गए हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।
ज़ायोनी शासन ने जुलाई 2014 में ग़ज़्ज़ा पर हवाई हमले शुरू किए थे और फिर ज़मीनी कार्यवाही भी आरंभ कर दी थी। यह युद्ध अगस्त के अंतिम दिनों में समाप्त हो गया था। इस युद्ध में 2,200 फ़िलिस्तीनी शहीद हुए थे जबकि लगभग ग्यारह हज़ार लोग घायल हुए थे। ग़ज़्ज़ा के चिकित्सा सूत्रों के अनुसार मारे जाने वालों में 578 बच्चे और 260 महिलाएं थीं जबकि तीन हज़ार से अधिक बच्चे घायल हुए थे।
संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के अनुसार ग़ज़्ज़ा युद्ध में डेढ़ हज़ार से अधिक बच्चे अनाथ हो गए जबकि एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए। यह ऐसी स्थिति में है कि जब एक इस्राईली सूत्र ने हाल ही में बताया है कि पिछले साल कम से कम दस ज़ायोनी सैनिकों ने आत्म हत्या की है जिनमें से चार ने ग़ज़्ज़ा युद्ध में भाग लिया था।
5 मार्च 2015 - 15:40
समाचार कोड: 674970
इस्राईल टुडे समाचारपत्र के अनुसार ग़ज़्ज़ा युद्ध में भाग लेने वाले साढ़े तीन सौ ज़ायोनी सैनिकों का दुःस्वप्न और बौखलाहट जैसी घटना के बाद के तनाव नामक मानसिक रोग की निशानियों के कारण उपचार किया गया है।