10 फ़रवरी 2015 - 08:18
 ईरानी जनता इस्लामी इंक़ेलाब को अकेला नहीं छोड़गी।

आयतुल्लाह रफ़संजानी ने कहा है कि 11 फ़रवरी को जनता यह सिद्ध कर देगी कि वह इस्लामी क्रांति को अकेला नहीं छोड़गी।

आयतुल्लाह रफ़संजानी ने कहा है कि 11 फ़रवरी को जनता यह सिद्ध कर देगी कि वह इस्लामी क्रांति को अकेला नहीं छोड़गी।
ईरान की इस्लामी व्यवस्था की हित संरक्षक परिषद के प्रमुख आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी ने कहा है कि ईरान की जनता ग्यारह फ़रवरी की रैलियों में भरपूर ढंग से भाग ले कर दुनिया को यह दिखा देगी वह इस्लामी क्रांति को अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने शहीद बहिश्ती विश्वविद्यालय के इस्लामी छात्र संघ के सदस्यों के साथ मुलाक़ात में जनता को क्रांति की मूल पूंजी और उसके अस्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण तत्व व कारक बताते हुए कहा कि क्रांति से वफ़ादारी की भावना रखने वालों का कर्तव्य है कि वे जनता का समर्थन करें और उसे निराश न होने दें।
आयतुल्लाह रफ़संजानी ने इस्लामी क्रांति के विभिन्न चरणों में जनता की भूमिका की सराहना करते हुए मौजूदा स्थिति में, इन रैलियों में जनता की भागीदारी के महत्व को बयान किया और कहा कि लोगों की बूंद-बूंद उपस्थिति एक महान मानव सागर परिवर्तित हो जाएगी जिसकी शत्रुओं को निराश कर देंगी।