ईरान के एक सुन्नी मौलाना ने फ़िलिस्तीन में हो रहे इस्राईलियों के अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुसलमानों में एकता को फिलिस्तीन को आज़ाद करने का एकमात्र रास्ता बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के एक सुन्नी मौलवी इसहाक मदनी ने एक ईरानी समाचार एजेंसी के साथ इंटरव्यू में फिलिस्तीन को इस्लामी दुनिया की सबसे बड़ी और जटिल समस्या बताते हुए कहा कि अधिकृत फिलिस्तीन की चिंताजनक स्थिति दुश्मनों की नापाक परियोजनाओं का नतीजा है।
उन्होंने कहा मुसलमानों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा की ज़रूरत है जो इस्लामी सिद्धांतों व शिक्षाओं पर आधारित हो और मौजूदा दौर में उम्मत को एकजुट करने के लिए ऐसा ढांचा बहुत ज़्यादा ज़रूरी है। मौलवी इसहाक़ मदनी ने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं और सिद्धांतों को हर क्षेत्र में आम करने की जरूरत है।
ईरानी सुन्नी मौलाना के अनुसार विभिन्न समुदायों से संबंध रखने वाले मज़हबी लीडरों की एकता व अखंडता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने फिलिस्तीनियों के साथ हो रहे ज़ुल्म पर अफसोस जताते हुए कहा कि मज़लूम फ़िलिस्तीनी क़ौम का हर स्तर पर समर्थन करना मुसलमानों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है।
18 दिसंबर 2014 - 17:48
समाचार कोड: 659208
ईरान के एक सुन्नी मौलाना ने फ़िलिस्तीन में हो रहे इस्राईलियों के अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुसलमानों में एकता को फिलिस्तीन को आज़ाद करने का एकमात्र रास्ता बताया है।