13 दिसंबर 2014 - 19:12
कर्बला में दो करोड़ की ऐतिहासिक भीड़। + तस्वीरें

ईरान और इराक़ सहित दुनिया के विभिन्न देशों में आज रसूलुल्लाह (स.अ) के नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ) और आपके साथियों का चेहलुम मनाया गया। दसियों लाख ज़ाएरीन इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के अवसर पर अज़ादारी में हिस्सा लेने के लिए इराक़ के करबला शहर पहुंचे हैं।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और इराक़ सहित दुनिया के विभिन्न देशों में आज रसूलुल्लाह (स.अ) के नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ) और आपके साथियों का चेहलुम मनाया गया। दसियों लाख ज़ाएरीन इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के अवसर पर अज़ादारी में हिस्सा लेने के लिए इराक़ के करबला शहर पहुंचे हैं।
सूचना के अनुसार दुनिया के 60 देशों से ज़ाएरीन और अज़ादार चेहलुम के सिलसिले में कर्बला पहुंचे हैं जिनमें बड़ी संख्या ईरानी ज़ाएरीन की है। कर्बला से मिली रिपोर्ट के अनुसार हज़रत इमाम हुसैन (अ) और हज़रत अब्बास (अ) के रौज़े, दोनों रौज़ों के बीच का क्षेत्र बैनुलहरमैन और शहर की सड़कें और गली कूचे इराकी और बाहरी ज़ाएरीन और अज़ादारों से खचाकच भरी हुई थे जो इमाम हुसैन अ. की अज़ादारी में व्यस्त हैं। करबला में ज़ाएरीन के मुद्दों को देखने वाले अधिकारियों ने बताया कि इराक के विभिन्न क्षेत्रों और अन्य देशों से लगभग दो करोड़ ज़ाएरीन कर्बला पहुंच चुके हैं।
सूचना के अनुसार ईरान से तेरह लाख से अधिक ज़ाएरीन इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के समारोहों में भाग लेने के लिए इराक़ गए हैं जिनमें अक्सर इराक़ की सीमा में प्रवेश करने के बाद पैदल कर्बला की ओर रवाना हुए हैं। इसके अलावा दाइश के हमलों के खतरे की परवाह किए बिना इराक़ के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ज़ाएरीन और अज़ादार कई दिन की दूरी तय करके पैदल कर्बला पहुंचे हैं और यह सिलसिला अभी जारी है।
इराक के रक्षामंत्री खालिद अलएबादी ने करबला के विभिन्न स्थानों का दौरा करने के बाद कहा है कि इस साल कर्बला में लगभग दो करोड़ अज़ादारों ने हाज़िरी दी है।
गौरतलब है कि इंसानियत के इतिहास में सबसे बड़ी भीड़, चेहलुम के अवसर पर कर्बला में आयोजित होती है जो इस साल आतंकवादी गुट दाइश की धमकियों के बाद और अधिक ज़ोर-शोर से मनाया गया। अब दुनिया आए और पहुँचाने कि हुसैन (अ) कौन है कि दो करोड़ आदमी एक दिन में जिसके रौज़े के अतराफ़ में परवानों की तरह तवाफ़ कर रहे हैं और गिरया और मातम के साथ अपनी अक़ीदत को व्यक्त कर रहे हैं।