अहलेबैत (अ) समाचार एजंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने आज लाखों नमाज़ियों को संबोधित करने के दौरान अमेरिका के खुफिया एजेंसियों की हिंसा और अन्य देशों में स्थापित अमेरिका की खुफिया जेलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जेलों में बंद लोगों के साथ मध्यकालीन जैसा व्यवहार किया जाता है।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने कहा कि अमेरिकी सरकार चूंकि कानूनी तौर पर अपने देश में इस तरह के कार्य अंजाम नहीं दे सकती है इसलिए दूसरे देशों में स्थापित अपने गुप्त जेलों में हिंसा करती है और यही अमेरिकी सरकार का असली चेहरा है।
इमामे जुमा ने अमेरिकी पुलिस की ओर से इस देश के काले लोगों के साथ हिंसा और हत्या किये जाने तथा काले लोगों के हत्यारों के बरी किये जाने को मानवाधिकारों के उस उल्लंघन से संज्ञा दी जिसको अमेरिका अंजाम दे रहा है।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने नमाज़े जुमा के दूसरे ख़ुत्बे में फ़ितने और साजिश के विषय के बारे में फ़ितना फैलाने वालों और साज़िशों के संबंध में सुप्रीम लीडर के स्पष्ट दृष्टिकोण को बयान करते हुए कहा कि षड़यंत्रकारी तत्वों ने देश को पतन के किनारे पर ला खड़ा किया था, उनकी वजह से देश को भारी कीमत चुकानी पड़ी और षड़यंत्रकारी तत्वों का अपराध माफी लायक नहीं है।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने अमेरिका, ब्रिटेन और यहूदी सरकार द्वारा षड़यंत्रकारी तत्वों का समर्थन किये जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि साजिश और फ़ितने में विकृत नहीं किया जाना चाहिए और कोई व्यक्ति नहीं है जो यह न जानता हो कि फ़ितने और साजिश के पीछे अमेरिका और ब्रिटेन हैं।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने हज़रत इमाम हुसैन अ. के चेहलुम के हिसाब से कहा कि जिस देश यानी इराक के कुछ हिस्सों में अपराधी दाइशों ने कब्जा कर रखा है अन्य विभिन्न इस्लामी देशों के लोग बिना किसी भय और डर के पूरी आस्था के साथ इस देश के शहर कर्बला पहुंच रहे हैं।
12 दिसंबर 2014 - 19:49
समाचार कोड: 657829
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ात्मी ने आज लाखों नमाज़ियों को संबोधित करने के दौरान अमेरिका के खुफिया एजेंसियों की हिंसा और अन्य देशों में स्थापित अमेरिका की खुफिया जेलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जेलों में बंद लोगों के साथ मध्यकालीन जैसा व्यवहार किया जाता है।