अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इराक़ की उच्च इस्लामी परिषद के सचिव ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहल्लुम के अवसर पर दसियों लाख ज़ाएरीन की उपस्थिति को तकफ़ीरी व आतंकवादी नेटवर्क के लिए राजनैतिक संदेश बताया है।
सय्यद अम्मार हकीम ने जुमे को दक्षिणी इराक़ के कर्बला शहर में इमाम हुसैन के चेहल्लुम में हिस्सा लेने पहुँचे मातमी दस्तों से मुलाक़ात में कहा कि तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल को यह जान लेना चाहिए कि इमाम हुसैन के चेहल्लुम की शोक सभा में भाग लेने वाले पैग़म्बरे इस्लाम के अहलेहबैत के ज़ाएर, इराक़ सहित दुनिया के अन्य देशों के सामाजिक वर्गों के साथ शांतिपूर्ण ज़िन्दगी बिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहल्लुम ज़ियारत और सवाब के अलावा आईएसआईएल के लिए राजनैतिक संदेश भी है।
इराक़ की उच्च इस्लामी परिषद के सचिव अम्मार हकीम ने शियों से आईएसआईएल की दुश्मनी की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि तकफ़ीरी व आईएसआईएल के आतंकवादी तत्व इमाम हुसैन की अज़ादारी को इसलिए ज़्यादा हमले का निशाना बनाते हैं क्योंकि इन मजलिसों में अज़ादार बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि आईएसआईएल से पहले अलक़ाएदा ने दुनिया वालों के सामने शियों के अंत का नारा लगाया था किन्तु इमाम हुसैन के दसियों लाख ज़ायरीन ने न्याय तथा भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध दृढ़ता पर आधारित देश की स्थापना के लिए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा की।
ज्ञात रहे इराक़ और विदेश से दसियों लाख श्रद्धालु इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहल्लुम की शोक सभाओं में भाग लेने के लिए कर्बला पहुंच चुके हैं ताकि इमाम हुसैन से अपनी श्रद्धा और उन्हें शहीद करने वालों से अपनी हमदर्दी की घोषणा करें।
12 दिसंबर 2014 - 14:39
समाचार कोड: 657764
इराक़ की उच्च इस्लामी परिषद के सचिव ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहल्लुम के अवसर पर दसियों लाख ज़ाएरीन की उपस्थिति को तकफ़ीरी व आतंकवादी नेटवर्क के लिए राजनैतिक संदेश बताया है।