इराक़ में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम में पैदल चलने वाले लोग, मार्ग में विभिन्न वरिष्ठ धर्मगुरुओं के स्टालों पर जाकर, आईएसआईएल के ख़िलाफ युद्ध में भाग लेने के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड करने की मांग कर रहे हैं और इराकी सूत्रों के अनुसार इन लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
चेहलुम के लिए पैदल कर्बला जाने वालों के मार्ग में इराक के वरिष्ठ धर्मगुरुओं के स्टालों के अधिकारियों ने बताया है कि वरिष्ठ धर्मगुरुओं की ओर से लगाए गये इन स्टालों पर एसे लोगों को रखा गया जो पदयात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों के धर्म संबंधी प्रश्नों का उत्तर दे सकें किंतु उनके पास जाने वाले अधिकांश लोग, आतंकवादियों के विरुद्ध युद्ध के बारे में इराकी धर्मगुरुओं के फतवे के बारे में सवाल करते हैं और आईएसआईएल के खिलाफ युद्ध करने के लिए अपना नाम लिखने का अनुरोध करते हैं।
इन लोगों ने बताया कि हम इस प्रकार के तीर्थयात्रियों को आतंकवादियों के विरुद्ध जेहाद के फतवे से अवगत कराते हैं और उनके द्वारा पूछे जाने पर हम उन्हें बताते हैं कि वह किस प्रकार से सेना के रंजिस्ट्रेशन आफिस जाकर ट्रेनिंग और आईएसआईएल के खिलाफ युद्ध में भाग लेने के लिए अपना नाम लिखवा सकते हैं।
स्टालों पर मौजूद कार्यसेवकों का कहना है कि आईएसआईएल के खिलाफ युद्ध और ट्रेनिंग के लिए अपना नाम लिखवाने की इच्छा रखने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि उन सब के मोर्चे पर जाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
कर्बला से कितने दूर हैं आईएसआईएल?
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की चेहलुम में भाग लेने के लिए कर्बला जाने वालों के मन में यह प्रश्न ज़रूर होता है कि इराक के बहुत से क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा करने वाले आईएसआईएल के आतंकवादी, कर्बला नगर से कितने दूर हैं जहां दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु एकत्रित हो रहे हैं।
वैसे तो आईएसआईएल के आतंकवादी इराक में फैले हुए हैं किंतु जहां तक कर्बला और नजफ का सवाल है तो यह दोनों नगर पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं और आईएसआईएल के आतंकवादी की ओर से इन नगरों में हमले की ओर से अभी कोई चिंता नहीं है।
हालांकि आईएसआईएल के आतंकवादी कर्बला से केवल चालीस किलोमीटर की दूरी पर हैं किंतु जिस प्रकार से इन नगरों की कई चरणों और पर्तों की सुरक्षा है उसके दृष्टिगत आईएसआईएल के आतंकवादी की ओर से इन नगरों पर हमला असंभव प्रतीत होता है।
यही कारण है कि आईएसआईएल के आतंकवादी इन नगरों की ओर पैदल जाने वाले तीर्थ यात्रियों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं।
इतने खतरे के बावजूद, इराक के विभिन्न क्षेत्रों से लोग लाखों की संख्या में कर्बला पहुंच रहे हैं और अनुमान है कि शनिवार तक कर्बला पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दो करोड़ से पार कर जाएगी। यह दुनिया में इन्सानों का सब से बड़ा जमावड़ा होता है जो हर साल होता है। मुसलमानों के सब से बड़े जमावड़े हज में पच्चीस से तीस लाख लोग एकत्रित होते हैं जबकि भारत में महाकुंभ के मेले में लोगों की संख्या एक करोड़ तक पहुंचती है।
11 दिसंबर 2014 - 19:03
समाचार कोड: 657601
इराक़ में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम में पैदल चलने वाले लोग, मार्ग में विभिन्न वरिष्ठ धर्मगुरुओं के स्टालों पर जाकर, आईएसआईएल के ख़िलाफ युद्ध में भाग लेने के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड करने की मांग कर रहे हैं और इराकी सूत्रों के अनुसार इन लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।