11 दिसंबर 2014 - 17:52
अल-अज़हर ने आईएसआईएल के विरुद्ध जेहाद को वाजिब बताया।

अल-अज़हर इंटरनेशनल युनीवर्सिटी ने एक बैठक में, जो कल आतंकवाद से मुकाबले के विषय पर आयोजित हुई, आतंकवादी समूहों से मुक़ाबले की कानूनी राहों की समीक्षा की।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार अल-अज़हर इंटरनेशनल युनीवर्सिटी ने एक बैठक में, जो कल आतंकवाद से मुकाबले के विषय पर आयोजित हुई, आतंकवादी समूहों से मुक़ाबले की कानूनी राहों की समीक्षा की। अल-अज़हर ने “अत्याचारी और ख़्वारिज” के बैनर तले अपने सम्मेलन में ऐलान किया कि आईएसआईएल और अंसारे बैतुल मुक़द्दस जैसे आतंकवादी गुटों के साथ गठबंधन एजेंडे में नहीं है क्योंकि वह हमेशा ताक़त और सत्ता हाथ में लेने या जातिपात के चक्कर में रहते हैं। दूसरी ओर मिस्र के दारुल इफ़्ता से जुड़े तकफीरी फतवों का अध्ययन करने वाले केंद्र ने घोषणा की है कि आतंकवादी गिरोह आईएसआईएल ने इस्लामी शिक्षाओं और आदेश की आड़ में महिलाओं के विरुद्ध बहुत ज्यादा आक्रामकता अपनाई है।
मिस्र के मुफ्ती के सलाहकार इब्राहीम नज्म ने कहा कि इस सेंटर की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआईएल ने इस्लामी आदेश के विरुद्ध महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन किया है और उनकों अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिये इस्तेमाल किया जाता है। उन्हें कैदी बना कर अपनी कनीज़ें बनाते है और जवानों को अपनी ओर खींचने के लिए लड़कियों और औरतों को इस्तेमाल करते हैं इसी तरह लड़कियों और औरतों को अपनी रैंक में जंग पर मजबूर करते हैं।