10 दिसंबर 2014 - 06:00
 कैंडी हाल में करबला की घटनाओं पर आधारित नाटक ख़ून-ए-नाहक़ का मंचन।

अलीगढ़ आठ दिसंबर, अली गढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के कल्चरल एजूकेशन सेंटर के तत्वाधान में कैण्डी हाल में, युनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब की ओर से करबला की घटनाओं पर आधारित नाटक “ख़ून-ए-नाहक़” करबला कथा के अन्तर्गत स्टेज किया गया।

अलीगढ़ आठ दिसंबर, अली गढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के कल्चरल एजूकेशन सेंटर के तत्वाधान में कैण्डी हाल में, युनिवर्सिटी के ड्रामा क्लब की ओर से करबला की घटनाओं पर आधारित नाटक “ख़ून-ए-नाहक़” करबला कथा के अन्तर्गत स्टेज किया गया। मशहूर नाट कार प्रोफ़ेसर आसिफ़ नक़वी के लिखे इस नाटक के हिदायतकार की ज़िम्मेदारी प्रोफ़ेसर एफ़.एस.शेरानी ने निभाई जबकि डाक्टर सैयद सिराज अजमली ने नाटक का स्क्रिप्ट तैयार किया और इन्जीनियर मेराज अली निशात ने करबल कथा का कम्पोज़ीशन किया। ख़ून-ए-नाहक़ में लीड रोल, ड्रामा क्लब के अंकित मलिक ने निभाया, इनके अलावा दूसरे किरदारों में ज़मीर अहमद, तलहा अब्बासी, मोअज़्ज़म अहमद, अमित कुमार सिंह, शाकिर अली, फ़ैसल जमील, माबूद अंसारी, और यावर हबीब ने अपनी असरदार अदाकारी से सबके दिल जीते। शहनाज़ हुसैन, अली रज़ा, नज़र हुसैन, अली सईद, गुलरेज़ हुसैन और फ़ैज़ान अलवी ने मरसिया, सोज़, सलाम व नौहा प्रस्तुत करके सबको प्रभावित किया। करबला कथा के आयोजन का उद्देश्य करबला की दुःख भरी घटनाओं को प्रस्तुत करने के साथ मरसिया, नौहा सोज़ और सलाम को एक बार फिर सबके सामने लाना था। इस बार करबल कथा को ईरानी स्टाईल में प्रस्तुत किया गया।