विश्व की 120 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तियों ने वैश्विक तनाव और असुरक्षित परमाणु भंडारों के बीच परमाणु युद्ध के बढ़ते हुए ख़तरे के प्रति चेतावनी देते हुए इस ख़तरे को कम करने के लिए तुरंत क़दम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
संसार के विभिन्न देशों की वरिष्ठ सैनिक, राजनैतिक व कूटनैतिक हस्तियों की ओर से सोमवार को जारी होने वाले एक पत्र में कहा गया है कि यूरो-एटलांटिक क्षेत्र और दक्षिण व पूर्वी एशिया में परमाणु शस्त्र संपन्न देशों व उनके घटकों के बीच तनाव से सामरिक समीकरणों के ग़लत सिद्ध होने की संभावना मज़बूत हो चुकी है। इस पत्र पर, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री सेबिस्टियन कर्ज़ को संबोधित किया गया है, यूरोप में नैटो के पूर्व उप प्रमुख जॉन मैककोल, ब्रिटेन के पूर्व सेनाध्यक्ष डेविड रिचर्ड्ज़ और अमरीका के पूर्व उप सेनाध्यक्ष जनरल जेम्स कार्टराइट सहित दसियों अन्य महत्वपूर्ण लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में इन वैश्विक हस्तियों ने इसी प्रकार यह भी चेतावनी दी है कि संसार में ऐसे बहुत अधिक परमाणु शस्त्रों की मौजूदगी में परमाणु दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया है, जो थोड़े से समय में प्रयोग के लिए तैयार हैं।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने कहा है कि परमाणु शस्त्रों के असुरक्षित भंडार आतंकी हमलों का संभावित निशाना बन सकते हैं इस लिए सुरक्षा के नए मानक बनाए जाने और संकट से मुक़ाबले के बेहतर संचालन की आवश्यकता है।उधर अमरीका के पूर्व सांसद रोन पॉल का कहना है कि अमरीकी सांसद, रूस विरोधी प्रस्ताव पारित करके देश को रूस के साथ युद्ध में धकेलना चाहते हैं।
8 दिसंबर 2014 - 18:55
समाचार कोड: 656863
विश्व की 120 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तियों ने वैश्विक तनाव और असुरक्षित परमाणु भंडारों के बीच परमाणु युद्ध के बढ़ते हुए ख़तरे के प्रति चेतावनी देते हुए इस ख़तरे को कम करने के लिए तुरंत क़दम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है।