7 दिसंबर 2014 - 05:45
 ईरान की परमाणु गतिविधियां बंद नहीं होंगी

ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के एक सदस्य ने कहा है कि कोई भी ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां रोकने पर विवश नहीं कर सकता।

ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के एक सदस्य ने कहा है कि कोई भी ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां रोकने पर विवश नहीं कर सकता।
दाऊद मुहम्मद निया ने शनिवार को पश्चिमी ईरान के हमदान प्रांत के अबू अली सीना विश्व विद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ताकार टीम ने अतीत में एनपीटी के पूरक प्रोटोकोल को स्वेच्छा से स्वीकार करते हुए कुछ समय के लिए अपनी शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां रोक दी थीं किंतु जब ईरान के परमाणु मामले को सुरक्षा परिषद में भेज दिया गया तो फिर ईरान ने अपनी गतिविधियां पुनः आरंभ कर दीं और पूरक प्रोटोकोल का पालन भी बंद कर दिया। उन्होंने ईरान के विरुद्ध सुरक्षा परिषद की ओर से जारी होने वाले प्रस्तावों को ग़ैर क़ानूनी बताया और कहा कि इन सभी प्रस्तावों में ईरान से परमाणु गतिविधियों, परमाणु प्रतिष्ठानों और परमाणु शोध को बंद करने की मांग की गई है।
मुहम्मद निया ने कहा कि अब पश्चिम वाले भी यह समझ चुक हैं कि प्रतिबंध निष्फल व प्रभावहीन हो चुके हैं जबकि गुट पांच धन एक के सदस्य पहले यह समझ रहे थे कि ईरान प्रतिबंधों से पड़ने वाले दबाव के कारण वार्ता के लिए तैयार हुआ है किंतु इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शनों से पश्चिम पर यह सिद्ध हो गया है कि ईरान समस्या को समाप्त करने के लिए वार्ता कर रहा है। ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के सदस्य ने कहा कि ईरान के परमाणु मामले को ऐसी स्थिति में सुरक्षा परिषद में भेजा गया जब वह वर्ष 1967 से ही परमाणु अप्रसार संधि एनपीटी का सदस्य है और देश में इस्लामी क्रांति आने और तानाशाही काल के सभी समझौतों व संधियों पर पुनर्विचार के बावजूद ईरान कभी भी एनपीटी से बाहर नहीं निकला।