एक ईरानी कमांडर का कहना है कि लेबनानी प्रतिरोधी आंदोलन के मिज़ाईल इस्राईल को पूर्ण रूप से नष्ट कर सकते हैं।
ईरान की इस्लामी क्रांति सुरक्षा बल आईआरईजीसी की एक शाख़ा क़ुद्स फ़ोर्स के वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माईल क़ानी ने कहा है, हालांकि अमरीका का प्रथम लक्ष्य ज़ायोनी शासन की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाना है, लेकिन आज हिज़्बुल्लाह के मिज़ाईल इस्राईल को धूल चटा सकते हैं।
इस्राईल को विश्व का सबसे असुरक्षित बिंदु क़रार देते हुए जनरल ने कहा कि आज हिज़्बुल्लाह के पास जो मिज़ाईल हैं उनकी मारक क्षमता इतनी है कि वह ग़ज्ज़ा तक पहुंच सकते हैं कि जो ज़ायोनी शासन के भी उस पार स्थित है।क़ानी का कहना था कि आज इस्राईल के लिए ख़तरा बनने वाले इन मिज़ाइलों की एक बड़ी संख्या का निर्माण फ़िलिस्तीनी सरज़मीन पर ही हुआ है, जहां अक्सर आवश्यक खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भी मुश्किल से हो पाती है।इस्राईल ने सन् 2000 और 2006 में लेबनान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा था। 2006 के 33 दिवसीय युद्ध में 1200 लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकांश नागरिक थे।लेकिन दोनों ही युद्धों में हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों ने ज़ायोनी सेना को मात दी थी और तेल-अवीव को अपना कोई लक्ष्य पूरा किए बिना पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा था।
5 दिसंबर 2014 - 20:08
समाचार कोड: 656171
एक ईरानी कमांडर का कहना है कि लेबनानी प्रतिरोधी आंदोलन के मिज़ाईल इस्राईल को पूर्ण रूप से नष्ट कर सकते हैं।