5 दिसंबर 2014 - 19:57
 अमरीका में 190 शहरों में विरोध प्रदर्शन

अमरीका में फ़ास्ट फ़ूड और कम मज़दूरी पाने वाले कर्मचारियों ने काम करने की स्थिति में सुधार और मज़दूरी दर बढ़ाए जाने की मांग को लेकर काम से हाथ उठा लिया।

अमरीका में फ़ास्ट फ़ूड और कम मज़दूरी पाने वाले कर्मचारियों ने काम करने की स्थिति में सुधार और मज़दूरी दर बढ़ाए जाने की मांग को लेकर काम से हाथ उठा लिया।
मैक्डोनल्ड और बर्गर किंग सहित बड़ी फ़ास्ट फ़ूड कंपनियों के कर्मचारियों ने गुरुवार को पूरे अमरीका के 190 शहरों में प्रदर्शन कर कम से कम प्रति घंटा मज़दूरी को 15 डॉलर करने की मांग की है। पिछले दो साल से इन कर्मचारियों की मज़दूरी की दर में वृद्धि नहीं हुयी है।
इन प्रदर्शनों में पहली बार चौबीस शहरों में सुलभ दुकानों और बाज़ारों के कर्मचारी भी शामिल हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा प्रति घंटा मज़दूरी से जो 7.25 डॉलर है, वे अपनी निर्धनता दूर नहीं कर पा रहे हैं।
तीन बच्चों के बाप टेरेन्स वाइज़ ने जिन्हें प्रति घंटा 9.30 डॉलर मज़दूरी मिलती है, कहा, “ हर दिन मैं अपने बच्चों के चेहरे को देखता हूं तो लगता है कि हम निर्धनता में ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं। इसलिए हम संघर्ष कर रहे हैं।”उधर मेसाच्यूसेट्स से डेमोक्रेट सेनेटर एलिज़ाबेथ वॉरेन ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा है, “ फ़ास्ट फ़ूड कर्मचारियों का हक़ है कि उन्हें ऐसी मज़दूरी मिले जिससे वह अपने परिवार को ग़रीबी से दूर रख सकें।”
अमरीका में फ़ास्ट फ़ूड कर्मचारियों ने दो साल पहले अपना प्रदर्शन शुरु किया था। यह प्रदर्शन प्रति घंटा 15 डॉलर मज़दूरी की दर बढ़ाने और संघ बनाने के अधिकार की मांग को लेकर शुरु हुए थे। सबसे पहले नवंबर 2012 में न्यूयॉर्क में 200 कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरु किया और उसके बाद से पूरे अमरीका में हर तीन चार महीने में इस प्रकार के प्रदर्शन होते रहे हैं।  श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार खाने के होटलों में काम करने वालों की अवसत प्रतिघंटा मज़दूरी मई 2013 को 8.74 डॉलर थी।