3 दिसंबर 2014 - 17:40
 मानवाधिकार कार्यकर्ता मरयम अल-ख़्वाजा को कैद की सजा सुना दी गई।

ऑले ख़लीफा की अदालत ने मानवाधिकार के लिये काम करने वाली मरयम अल-ख़्वाजा को एक साल कैद की सजा सुनाई है।

ऑले ख़लीफा की अदालत ने मानवाधिकार के लिये काम करने वाली मरयम अल-ख़्वाजा को एक साल कैद की सजा सुनाई है।
बहरैन से प्रकाशित होने वाले अखबार अलवसत की एक रिपोर्ट के हवाले से खबर दी है कि ऑले ख़लीफा की अदालत ने अनुचित फैसलों का सिलसिला जारी रखते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता और अबदुल हादी ख्वाजा की बेटी मरयम ख्वाजा को एक साल कैद की सजा सुना दी है।
मरयम अल-ख़्वाजा तीस अगस्त वर्ष 2014 में मनामा एयरपोर्ट पर दो पुलिसकर्मियों के अपमान के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच ऑले ख़लीफा जेल में क़ैद बहरैनी उल्मा ने एक बयान जारी करके जनता की ओर से आयतुल्लाह शेख ईसा क़ासिम के समर्थन को सराहते हुए उनके घर पर ऑले ख़लीफा के नौकरों कारनदों के हमले की निंदा की। इन उल्मा ने आयतुल्लाह शेख़ ईसा कासिम के क्रांतिकारी लक्ष्यो को प्राप्त करने के लिये अपने संघर्ष जारी रखने पर भी बल दिया।
ग़ौरतलब है कि ऑले ख़लीफा के दसियों पिट्ठुओं ने शेख़ ईसा क़ासिम के घर पर हमला किया था जिसके खिलाफ़ बहरैन के अंदर और देश के बाहर व्यापक विरोध प्रदर्श किये गये हैं।