बहरैन के शिया मज़हबी नेता आयतुल्लाह शेख़ ईसा कासिम ने कहा है कि ऑले ख़लीफ़ा जनता को डरा धमका कर अपने उद्देश्य हासिल नहीं कर सकेगी।
रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम ने कल बहरैन की राजधानी मनामा के पश्चिमी क्षेत्र अलदराज़ में इमाम सादिक़ अ. मस्जिद में जुमे के ख़ुतबों में कहा कि ऑले ख़लीफ़ा को अच्छी तरह पता है कि धमकियों के बावजूद चुनाव में जनता की वास्तविक भागीदारी कितनी थी।
आयतुल्लाह शेख ईसा क़ासिम ने कहा कि बहरैन में जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं और जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किए जाता तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा और आले ख़लीफा के एजेंटों की हिंसक कार्यवाहियां भी इस पर असर नहीं पड़ेगा। स्पष्ट रहे कि ऑले खलीफा के सुरक्षा अधिकारियों ने इमाम सादिक़ अ. मस्जिद की घेराबंदी कर रखी थी, इस क बाद प्रदर्शन हुए और जनता ने जुमे की नमाज में हिस्सा लिया। बहरैन की तानाशाह सरकार ने मंगलवार के दिन आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम के घर हमला करके उनके घर की तलाशी ली थी।
बहरैनी सुरक्षा अधिकारियों ने यह कार्यवाही ऐसी स्थिति में अंजाम दी है कि बहरैन में स्वतंत्र जनमत संग्रह समिति ने देश में जनमत संग्रह के परिणामों की घोषणा कर दी है जिसके अनुसार 99 प्रतिशत बहरैनियों ने चुनाव के माध्यम से राजनीतिक प्रणाली के निर्धारण के अधिकार की मांग की है।
29 नवंबर 2014 - 20:14
समाचार कोड: 654925
बहरैन के शिया मज़हबी नेता आयतुल्लाह शेख़ ईसा कासिम ने कहा है कि ऑले ख़लीफ़ा जनता को डरा धमका कर अपने उद्देश्य हासिल नहीं कर सकेगी।