29 नवंबर 2014 - 19:06
 बग़दाद ख़तरे में पड़ा तो ईरान सामने आ जाएगा

ईरान की सशस्त्र सेना के संयुक्त मामलों के अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल बाक़ेरी ने कहा है कि बग़दाद, इराक़ में पवित्र इमामों के रौज़े और दर्शन स्थल ये सबके सब ईरान की लाल रेखाएं है और अगर इन पर ख़तरा हुआ तो ईरान ख़ुद सामने आ जाएगा।

ईरान की सशस्त्र सेना के संयुक्त मामलों के अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल बाक़ेरी ने कहा है कि बग़दाद, इराक़ में पवित्र इमामों के रौज़े और दर्शन स्थल ये सबके सब ईरान की लाल रेखाएं है और अगर इन पर ख़तरा हुआ तो ईरान ख़ुद सामने आ जाएगा।
ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बाक़ेरी ने देश की सीमाओं पर आतंकवादियों के संभावित अतिक्रमण पर ईरान की प्रतिक्रिया से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि ईरान की कुछ लाल रेखाएं हैं और अगर किसी ने इन्हें लांघने की कोशिश की तो हम सीधे तौर पर मैदान में आ जाएंगे और जैसा कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च परिषद के प्रमुख ने भी अभी हाल में कहा है कि अगर आतंकवादियों ने सीमावर्ती इलाक़ों में घुसने की कोशिश की तो उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। उन्होंने कहा कि इस बात में शक नहीं कि बग़दाद, इराक़ में पवित्र इमामों के रौज़े और दर्शन स्थल भी ईरान की लाल रेखाओं में शामिल हैं, अगर इन पर भी कोई ख़तरा हुआ तो ईरान सीधे तौर पर मैदान में आ जाएगा और पूरी दृढ़ता के साथ दुष्टों का सफ़ाया करेगा।मोहम्मद बाक़ेरी ने कहा कि ईरान के मित्रों को चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि हम सफलता हासिल करने तक उनका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि अगर दोस्तों व घटक देशों के हित ख़तरे में पड़े तो वरिष्ठ नेता के निर्देशानुसार ईरानी राष्ट्र के साथियों का हर तरह से साथ देंगे और उन्हें हर ख़तरे से निपटने के लिए ज़रूरी ट्रेनिंग देंगे।ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बाक़ेरी फिलिस्तिीन के पश्चिमी तट के निवासियों सशस्त्र किये जाने के ईरान के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में कहा कि अब तक वरिष्ठ नेता ने जो कुछ कहा है उसका पालन किया गया है और इस आदेश का भी पालन किया जाएगा और शीघ्र ही यह महत्वपूर्ण काम व्यवहारिक रूप से नज़र आ जाएगा।याद रहे इ्स्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने हालिया महीनों में अपने एक बयान में कहा था कि पश्चिमी तट में रहने वाले फिलिस्तीनियों को भी शस्त्र दिये जाने की जरूरत है।पश्चिमी तट स्वाशासिन फिलिस्तीन के अंतर्गत फिलिस्तीनी क्षेत्र है जहां इस्राईल का ज़ोर चलता है और इस्राईली सैनिक फिलिस्तीनी प्रशासन को बिना महत्व दिये फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार और उनके घरों की तलाशी लेते हैं।ईरान के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर इस्राईल ने तीखी प्रतिक्रिया प्रकट की थी।