अमरीका में रहने वाले एक यहूदी धर्मगुरू स्टीफ़न पुरूजान्सकी का कहना है कि अरब नागरिक जंगली जानवर हैं और मस्जिदुल अक़सा को सऊदी अरब स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए और इस्राईल में जो फ़िलिस्तीनी रह रहे हैं उन्हें वहां से निकाल देना चाहिए तथा इस्राईल के विरुद्ध कार्यवाही करने वाले उसके समर्थकों और उसके चाहने वालों के घरों को धवस्त कर देना चाहिए।
रायुल यौम वेबसाइट के अनुसार यहूदी धर्मगुरू स्टीफ़न पुरूजान्सकी ने सुझाव दिया है कि मुसलमानों के पहले क़िब्ले अर्थात मस्जिदुल अक़सा को सऊदी अरब स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए और उन अरब नागरिकों की नागरिकता छीन लेनी चाहिए जो उनके कथनानुसार आतंकवाद का समर्थन करते हैं। उनका कहना था कि जो लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं और इस बात को स्वीकार करते हैं कि इस्राईल, यहूदियों की धरती है, वहां रह सकते हैं। इस चरमपंथी यहूदी धर्मगुरू ने अमरीका के एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा है वह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उक्त कार्यक्रम में ही अपनी बात से पलटते हुए कहा कि मस्जिदुल अक़सा को सऊदी अरब स्थानांतरित करने की उनकी बात गंभीर नहीं है।रायुल यौम ने लिखा है कि यदि इस चरमपंथी यहूदी धर्म गुरू का बस चलता तो वह अरब प्रदर्शनकारियों और पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों पर गोलियों से हमला कर देता और उन्हें छः महीने तक मस्जिदुल अक़सा में घुसने न देता। स्टीफ़न पुरूजान्सकी ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र से इस्राईलियों के विरुद्ध शहादत प्रेमी कार्यवाही की जाए तो उस पूरे क्षेत्र को ही ध्वस्त कर दिया जाए, वहां रहने वाले समस्त लोगों को निकाल बाहर किया जाए। उनका कहना था कि इस्राईल के विरुद्ध कार्यवाही करने वाले सभी फ़िलिस्तीनी को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए, उनके शवों को जला देना चाहिए, उनकी राख को सुअर के साथ दफ़्न करना चाहिए तथा उनके घर इस्राईलियों को दे देने चाहिए।इस चरमपंथी यहूदी धर्म गुरू का कहना था कि इस्राईल की धरती पर युद्ध की घोषणा कर दी गयी है और वहां रहने वाले अरब, इस युद्ध में शत्रु हैं, उन्हें हराना होगा। उनका कहना था कि अरबों को पलायन पर प्रेरित करने के लिए उन्हें वेतन देने, उनकी संपत्ति के बदले दूसरी संपत्ति देने जैसी प्रोत्साहन भरी कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने बल दिया कि इस्राईल की धरती पर अरबों का कोई भविष्य नहीं है और न ही उनके देश का भविष्य है। ज्ञात रहे कि यह यहूदी चरमपंथी धर्मगुरू अमरीका में केन्द्रीय आर्थोडाक्स संस्था का पूर्व उप प्रमुख है।
29 नवंबर 2014 - 18:43
समाचार कोड: 654905
अमरीका में रहने वाले एक यहूदी धर्मगुरू स्टीफ़न पुरूजान्सकी का कहना है कि अरब नागरिक जंगली जानवर हैं और मस्जिदुल अक़सा को सऊदी अरब स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए और इस्राईल में जो फ़िलिस्तीनी रह रहे हैं उन्हें वहां से निकाल देना चाहिए तथा इस्राईल के विरुद्ध कार्यवाही करने वाले उसके समर्थकों और उसके चाहने वालों के घरों को धवस्त कर देना चाहिए।