28 नवंबर 2014 - 18:55
 अमरीका में ब्लैड फ़्राइडे की ख़रीदारी के बहिष्कार की अपील

अमरीका के मिज़ूरी राज्य के फ़र्गूसन शहर में पुलिस अफ़सर के हाथों मारे गए एक अफ़्रीक़ी-अमरीकी किशोर से सहानुभूति दर्शाने के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने अमरीकी जनता से ब्लैक फ़्राइडे को ख़रीदारी न करने की अपील की है।

अमरीका के मिज़ूरी राज्य के फ़र्गूसन शहर में पुलिस अफ़सर के हाथों मारे गए एक अफ़्रीक़ी-अमरीकी किशोर से सहानुभूति दर्शाने के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने अमरीकी जनता से ब्लैक फ़्राइडे को ख़रीदारी न करने की अपील की है।
अगस्त में अफ़्रीक़ी-अमरीकी किशोर माइकल ब्राउन को गोली मारने वाले पुलिस अफ़सर डैरन विल्सन के ख़िलाफ़ अभियोग न चलाने से क्रोधित कार्यकर्ताओं ने ब्लैक फ़्राइडे की ख़रीदारी का बहिष्कार करने की अपील की है।
फ़र्गूसन में माइकल ब्राउन को इन्साफ़ दिलाने के लिए गठित एक गुट द जस्टिस फ़ॉर माइकल ब्राउन लीडरशिप कोलिशन ने समर्थकों से अपील की है कि वह कृतज्ञता दर्शाने वाले इस सप्ताहांत में कोई ख़रीदारी न करें या अश्वेत दुकानदारों से ख़रीदारी करें।  इसी प्रकार इस गुट ने ब्लैक फ़्राइडे को बाज़ारों में ख़ामोशी से मार्च करने की भी अपील की है।
दूसरी ओर एक और गुट ने जिसके प्रमुख फ़िल्म निर्माता रयान कूगलर हैं, सोशल मीडिया पर इस बहिष्कार के लिए कोशिश कर रहे हैं।
ब्लैकआउट फ़ॉर ह्यूमर राइट्स के प्रतिनिधि माइकल लैट के अनुसार, “ बड़ी फुटकर दुकानें अपने व्यापार के लिए हमारी ख़रीदारी पर निर्भर हैं ख़ास तौर पर छुट्टियों के दौरान। लेकिन हमारे भाई और बहनों की ज़िन्दगी छुट्टियों के तोहफ़ों से मिलने वाले पैसों से ज़्यादा क़ीमती है।” प्रदर्शनकारियों के नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन अमरीका में न्याय तंत्र को बदलना चाहता है।
अमरीका में अफ़्रीक़ी-अमरीकियों की क्रय शक्ति 1 दश्मलव 3 ट्रिलियन अर्थात तेरह खरब डॉलर है और ब्लैक फ़्राइडे के बहिष्कार की अपील करने वालों का कहना है कि अश्वेत अमरीकी इस बहिष्कार से अपने समुदाय की ताक़त दिखा सकते हैं। अमरीका में ब्लैक फ़्राइडे के बहिष्कार की अपील ऐसी स्थिति में की गयी है कि इसी दिन अमरीका मे वॉलमार्ट के कर्मचारियों ने पूरे अमरीका में हड़ताल की अपील की है।
अमरीका में इस वर्ष ब्लैक फ़्राइडे 28 नवंबर को है।
बर्मिंघम की पहली अश्वेत महिला पुलिस अधिकारी ग्वेनडोलिन कुक वेब ने कहा है कि पुलिस अधिकारियों को उनकी शपथ की याद दिलाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के नाते मेरी नज़र में अफ़सर के रंग या पीड़ित के रंग की कोई अहमियत नहीं है बल्कि आपको सेवा और रक्षा की ज़िम्मेदारी दी गयी है।