इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना के प्रमुख एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने कहा है कि देश के हितों की रक्षा के लिए निश्चित रूप से समस्त क्षमताओं के प्रयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने ईरान के टीवी चैनल-2 से बात करते हुए कहा कि पवित्र प्रतिरक्षा के आरंभिक वर्षों में शत्रु, ईरान की समुद्री सीमा के परिवेष्टन के प्रयास में थे। उनका कहना था कि शत्रुओं का लक्ष्य और उद्देश्य तेल के निर्यात को रोकना था और यदि शत्रुओं की इच्छा के अनुसार ऐसा हो जाता तो ईरान, आर्थिक दृष्टि से युद्ध जारी रखने में अक्षम हो जाता।
एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने बताया कि ईरान की नौसेना के जवानों ने दो हज़ार समुद्री जहाज़ों के स्कवाड और विभिन्न देशों के 22 समुद्री जहाज़ों को जलदस्युओं से बचाया और लगभग 150 झड़पों में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। उनका कहना था कि ईरान की नौसेना, अंतर्राष्ट्रीय जलसीमा में सक्रिय रूप से उपस्थित है। हबीबुल्लाह सय्यारी ने चीन और रूस के साथ ईरान की नौसेना की संयुक्त सैन्य अभ्यास का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र के अन्य देश भी ईरान की नौसेना के अनुभवों से लाभ उठाने के इच्छुक हैं।
27 नवंबर 2014 - 18:14
समाचार कोड: 654450
इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना के प्रमुख एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने कहा है कि देश के हितों की रक्षा के लिए निश्चित रूप से समस्त क्षमताओं के प्रयोग की आवश्यकता है।