26 नवंबर 2014 - 18:18
 आईएसआईएल की गतिविधियां ग़ैर इस्लामी

विश्व के 126 मुसलमान धर्म गुरूओं ने अबूबक्र बग़दादी को पत्र भेजकर आईएसआईएल की कार्यवाहियों को इस्लाम विरोधी बताया है।

विश्व के 126 मुसलमान धर्म गुरूओं ने अबूबक्र बग़दादी को पत्र भेजकर आईएसआईएल की कार्यवाहियों को इस्लाम विरोधी बताया है।
इस संयुक्त पत्र में आईएसआईएल की ओर से पवित्र क़ुरआन की आयतों की मनमाने ढंग से व्याख्या की कड़ी निंदा की गई है।  पत्र में कहा गया है कि पवित्र क़ुरआन की किसी भी आयत की अपने हितों के हिसाब से मनमानी व्याख्या निंदनीय और इस्लाम विरोधी है।  मुस्लिम धर्मगुरूओं ने इस पत्र में कहा है कि किसी भी विषय के बारे में फ़त्वा देने के लिए पर्याप्त जानकारी अति आवश्यक है।  इस पत्र के अनुसार फ़त्वा देने के लिए केवल अरबी भाषा का ज्ञान ही काफ़ी नहीं है बल्कि इसके लिए बहुत से अन्य सूत्रों की आवश्यकता होती है।
126 धर्मगुरूओं के पत्र के अनुसार आईएसआईएल के क्षणिक हितों के अनुरूप पवित्र क़ुरआन की आयतों की मनमानी व्याख्या, ग़ैर इस्लामी है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।  पत्र में कहा गया है कि आईएसआईएल के सरग़ना, इस्लाम की वास्तविक शिक्षाओं से बहुत दूर हैं और उनके क्रियाकलाप ग़ैर इस्लामी हैं।  मुसलमान धर्मगुरूओं के अनुसार किसी निर्दोष की हत्या, महापाप है और इसका औचित्य किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।  126 धर्मगुरूओं के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में आईएसआईएल के कार्यों और उनकी गतिविधियों को ग़ैर इस्लामी घोषित किया गया है।