25 नवंबर 2014 - 19:17
 आईइसआईएल के लिए नई अमरीकी योजना

अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने आईएसआईएल के सरग़नाओं को मारने के लिए लकड़बग्घों का शिकार नाम से एक योजना तैयार की है।

अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने आईएसआईएल के सरग़नाओं को मारने के लिए लकड़बग्घों का शिकार नाम से एक योजना तैयार की है।
समाचार पत्र अलक़ुद्स अलअरबी के अनुसार इराक़ के सुरक्षा सूत्रों ने इस योजना के बारे में बताया कि आईएसआईएल के विरुद्ध बने अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन, इराक़ी इंटेलीजेन्स तथा अस्सुक़ूर नामक बल जिसे इराक़ी मंत्रिमंडल ने आतंकवाद के मामलों से निपटने के लिए बनाया है, इस योजना पर काम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया है कि इस योजना का मुख्य निशाना आईएसआईएल का सरग़ना अबू बक्र बग़दादी तथा उसका सहायक फ़ाज़िल अलहयाली है जो अबू मुसलिम तुर्कमानी के नाम से कुख्यात है। इस योजना का तीसरा प्रमुख लक्ष्य अबू मोहम्मद जज़रावी है जो सऊदी अरब का नागरिक है। यह आतंकी सरग़ना आईएसआईएल के वित्तीय तथा संगठनात्मक मामलों की देखभाल करता है।
इस योजना में जिन आतंकियों को मुख्य लक्ष्य घोषित किया गया है उनमें अलअंबार का स्वघोषित गवर्नर अबू अब्दुस्सलाम और अहमद अलजुहैशी भी शामिल हैं। यह दोनों ही इराक़ी हैं। आईएसआईएल के जनसंपर्क विभाग का ज़िम्मेदार औफ़ अब्दुर्रहमान तथा जार्डन का रहने वाला शौकत हाज़िम भी, जो कि मुफ़्ती है, उन हाइनाज़ में शामिल है जिन्हें शिकार किया जाना है। सीरिया और इराक़ में धार्मिक अदालतों का मुखिया हातिम नाएफ़ अलउकैदी भी निशाने पर है, यह आतंकी, सीरिया का रहने वाला है। सऊदी अरब के अब्दुल वाहिद और चेचनिया के अबू उमर शेशानी का नाम भी शिकारों की लिस्ट में है, यह दोनों फ़तवों के मामले में अबू बक्र बग़दादी के सहायक हैं। सैनिक प्रशिक्षण देने वाला मोरक्को का नागरिक अबू अली मराकशी भी हिट लिस्ट में है।
दूसरी ओर बच्चों के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ की दूत ने कहा है कि आईएसआईएल ने इराक़ और सीरिया में बच्चों का अपहरण करके उनकी ब्रेन वाशिंग शुरू कर दी है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार लैला ज़ूरगूई ने कहा कि युद्ध के क्षेत्रों में बच्चों का प्रयोग कोई नई बात नहीं है किंतु अब तक किसी भी संगठन ने आईएसआईएल की तरह बच्चों का दुरुपयोग नहीं किया था।
संयुक्त राष्ट्र संघ की दूत ने कहा कि आईएसआईएल बड़े योजनाबद्ध ढंग से काम करता है, वह सीरिया और इराक़ के क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा करने के तत्काल बाद इन क्षेत्रों के बच्चों को अपने कामों में प्रयोग करने के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। आतंकी संगठन अपने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों को अपनी इच्छ के अनुसार पुस्तकें पढ़ा रहा है। यह पुस्तकें पढ़कर बच्चों में आतंकी संगठन की ओर रूझान बढ़ जाता है।