पासदाराने इनक़ेलाब फ़ोर्स के कमान्डर ने कहा है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में शत्रु और मित्र सभी इस्लामी क्रांति की शक्ति को स्वीकार करते हैं और यह इस्लामी व्यवस्था की शक्ति के सामने अमरीकियों के घुटने टेकने का चिन्ह है।
उन्होंने कहा कि यह तथ्य अमरीकियों की राजनैतिक व सैन्य गतिविधियों तथा वार्ता में स्पष्ट हो गयी है और यदि कभी वह विस्तारवाद को अपनाते हैं तो यह उनकी वर्चस्ववादी प्रवृत्ति का चिन्ह है।
मेहर न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार सिपाहे पासदारान फ़ोर्स के प्रमुख जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने एक कार्यक्रम में कहा कि हालिया वर्षों में क्रांति की सफलता का राज़ और इस्लामी क्रांति की प्रगति का महत्त्वपूर्ण बिन्दु जिस पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है वह क्रांति के सिद्धांत और उसका महत्त्व तथा वह मार्ग है जिसे वरिष्ठ नेता ने बयान किया है।
ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने यह बयान करते हुए कि ईरान की शक्ति के मुख्य कारक क्या हैं, कहा कि वर्चस्ववादी व्यवस्था के मुक़ाबले में डट जाना और उनकी ज़ोर ज़बरदस्तियों और धमकियों में न आना महत्वपूर्ण रणनीति है और यह हमारी शक्ति व प्रतिष्ठा का कारण भी है। उन्होंने वैश्विक परिवर्तनों के बारे में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के भाषणों व बयानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि शक्ति के ध्रुव जो अस्तित्व में आ रहे हैं, इस्लामी क्रांति से उत्पन्न हुए हैं और इसे भलिभांति समझने की आवश्यकता है।
24 नवंबर 2014 - 17:10
समाचार कोड: 653752
पासदाराने इनक़ेलाब फ़ोर्स के कमान्डर ने कहा है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में शत्रु और मित्र सभी इस्लामी क्रांति की शक्ति को स्वीकार करते हैं और यह इस्लामी व्यवस्था की शक्ति के सामने अमरीकियों के घुटने टेकने का चिन्ह है।